Amroha Tigri Mela 2024: कार्तिक पूर्णिमा पर शुरू हुए तिगरी मेले में आस्था और संस्कृति का संगम देखने को मिला। सांस्कृतिक मंच पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने गणेश वंदना, दुर्गा स्तुति, हनुमान चालीसा और गंगा अवतरण की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इस पर मौजूद जनप्रतिनिधि, अधिकारी, दर्शकों ने उनका जमकर उत्साहवर्धन किया।
कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी मेला आस्था के साथ ही विभिन्न संस्कृतियों का भी संगम है। मेले में कहीं साधु संत भक्तिभाव में लीन हैं, तो किसी स्थान पर भंडारा चल रहा है। सभी खुले आसमान के नीचे पुण्य कमाने के लिए पतित पावनी की गोद में डेरा डाले हुए हैं। मेले को यादगार बनाने के लिए भव्य सांस्कृतिक मंच बनाया है। जिसमें एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने का प्रबंध किया गया है, जहां चार दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम ही प्रस्तुत किए जाएंगे।
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- फोटो : संवाद
पहले दिन सोमवार धनौरा के ब्लू बर्ड्स स्कूल के बच्चों के नाम रहा। मेला पूजन के बाद 6.30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। स्कूल के 80 बच्चों को कार्यक्रम के लिए कई दिन से तैयारी कराई गई थी। सबसे पहले उन्होंने भगवान गणेश की मन मोहक वंदना की। दुर्गा स्तुति, हनुमान चालीसा और गंगा अवतरण की प्रस्तुति से मन मोह लिया।
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प्रभारी मंत्री केपी मलिक, सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर, विधायक, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी तालियां बजाने काे मजबूर हो गए। इसके बाद सेंट मेरी स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान अमरोहा पालिकाध्यक्ष शशि जैन, पूर्व विधायक हरपाल सिंह, विचित्र भाटी, गिरीश त्यागी, ऊषा चौहान, गौरव चौहान और महेश खड़गवंशी आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. यतींद्र कटारिया ने किया।
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तिगरीधाम में आस्था है। उमंग है। उल्लास है। संस्कृति के भी विभिन्न रंग हैं। परंपरा और आधुनिकता की बहार भी है। गरीब और अमीर सभी एक उद्देश्य के लिए पहुंचे हैं। शहर और ग्रामीण संस्कृति का संगम है। कहीं ढोल की थाप पर लोग झूम रहे हैं, तो कहीं जादू देख हैरान हैं। मिक्की माउस पर खेलते बच्चे हैं, तो युवाओं की टोली भी गंगा रेती पर मस्ती करती दिख रही है।
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झूले, सर्कस और मौत के कुएं में करतब से पिकनिक का पूरा माहौल बना है। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में पतित पावनी गंगा किनारे लग रहे गंगा मेला का पूजन सोमवार को देवोत्थान एकादशी पर किया गया। मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों, टाटा मैजिक सहित अन्य वाहनों से लोगों का तिगरीधाम पहुंचना जारी है।
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लाखों श्रद्धालु पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर लोग पुण्य कमा रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक के लोग डेरे लगाए हुए हैं। मेले में आए बच्चों और युवाओं चाट-पकौड़ी का आनंद ले रहे है।
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आठ लाख श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
ऐतिहासिक तिगरी मेले में आस्था और उमंग का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। सोमवार से मेले की विधिवत शुरुआत हो गई। हालांकि, मेला स्थल पर पिछले एक सप्ताह से श्रद्धालुओं के जुटने का क्रम शुरू हो गया था। मेले में पहुंचे करीब आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हर साल आयोजित होने वाले तिगरी मेले को लेकर पिछले एक माह से प्रशासन तैयारियां कर रहा था। सोमवार से शुरू हुआ गंगा मेला कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा।
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रंग बिरंगी लाइटों से श्रद्धालुओं का मन मोहा
तिगरी में गंगा किनारे लगा कार्तिक पूर्णिमा मेला रंग बिरंगी रोशनी से जगमग हो गया है। सात किलोमीटर के दायरे में फैले मेले में शाम को रंग बिरंगी रोशनी की लाइट जलते ही रौनक दौड़ जाती है। झूले और हिंडोलों पर चमक रहीं विभिन्न रंगों की लाइट मेले की सुंदरता को और बढ़ा रही है। मेले में रंग बिरंगी लाइटों को देखकर आभास हो रहा है कि आसमान में तारे चमक रहे हों।
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कार्तिक पूर्णिमा पर लगे तिगरी गंगा मेले में इस बार रोशनी के विशेष इंतजाम किए गए। सोमवार को मेले का विधिवत शुभारंभ होने के बाद शाम को छह बजे लाइट जलीं तो मेला जगमग हो उठा। श्रद्धालुओं के शिविरों से लेकर अधिकारी-कर्मचारियों के शिविर जगमग हो गए। लाइटों की रोशनी में गंगा किनारे तंबुओं का शहर बेहद आकर्षक नजर आ रहा था।
मनोरंजन के साधन झूला, हिंडोला, वैगन ट्रेन दूर से साफ दिखाई दे रही थीं। दूधिया रोशनी से नहाए मेले को देख लग रहा था, जैसे धरती पर आसमान उतर आया हो। आसमान में उड़ रहे बड़े गुब्बारे मेले की सुंदरता को और बढ़ा रहे हैं। वहीं दिन भर गाए जा रहे मां गंगा के भजन कानों में भक्तिरस घोल रहे हैं।