दिल्ली से चलकर रविवार की सुबह सिविल लाइंस बस स्टेशन पर उतरे मिर्जापुर के हलिया स्थित बसुहरा गांव के राममूरत समेत 19 मजदूर अपनी व्यथा बताकर फफक पड़े। कारखाना बंद होने के बाद मकान मालिक ने भी कोरोना संक्रमण के डर से घर से निकाल दिया।
चार दिन से वह दिल्ली की सड़कों पर वाहन की तलाश में भटक रहे थे। बस स्टेशन के सामने कुछ लोगों ने पूड़ी-सब्जी के पैकेट दिए तो जान में जान आई। इस लॉक डाउन में अकेले राममूरत और उनके साथी ही नहीं, उनके जैसे हजारों लोग घर पहुंचने के लिए वक्त से जूझ रहे हैं। वाहनों के इंतजार में कोई घर के बाहर भूखा पड़ा है, तो कोई सैकड़ों किमी पैदल चलने के लिए मजबूर है।