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UP: 'भीड़ जुटती रही और...', खुफिया तंत्र फेल, पुलिस की चूक से बेकाबू हुआ था प्रयागराज का बवाल; सामने आया सच

Tue, 01 Jul 2025 09:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज के करछना में हुए बवाल में खुफिया तंत्र फेल रहा। पुलिस की चूक से प्रयागराज का बवाल बेकाबू हुआ था। मौके पर पर्याप्त फोर्स नहीं थी। उपद्रव के बाद थाना पुलिस हरकत में आई।
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Prayagraj riots - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज के भड़ेवरा बाजार में हुए बवाल की एक बड़ी वजह स्थानीय पुलिस की चूक मानी जा रही है। रविवार की सुबह से ही न सिर्फ करछना बल्कि आसपास के कई इलाकों से क्षेत्र में भीड़ जुटती रही, लेकिन थाना प्रभारी बेखबर बने रहे। सुरक्षा व्यवस्था महज चौकी पुलिस के भरोसे छोड़ दी गई। बवाल शुरू होने के बाद थाना पुलिस हरकत में आई, लेकिन तब तक बात बिगड़ चुकी थी।

सूत्रों के अनुसार, चौकी के पुलिसकर्मियों ने जब भीड़ के उग्र होने और जाम लगाने की सूचना थाने को दी, तब जाकर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद बेकाबू होती स्थिति को देखते हुए आसपास की फोर्स बुलाई गई, लेकिन भीड़ को काबू नहीं किया जा सका। 
 
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नैनी पुलिस की जीप में तोड़फोड करता उपद्रवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सवालों के घेरे में है स्थानीय पुलिस
फिर तीन कंपनी पीएसी लेकर पहुंचे अफसरों ने हालात को मशक्कत के बाद काबू किया। घटना को लेकर स्थानीय पुलिस सवालों के घेरे में है। सवाल यह कि निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी दो-ढाई हजार की संख्या में पहुंचे युवकों को एक जगह जमा क्यों होने दिया गया। 

 
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प्रयागराज में सांसद चंद्रशेखर आजाद - फोटो : पीटीआई
भीम आर्मी चीफ को एयरपोर्ट और फिर सर्किट हाउस में रोके जाने की सूचना सोशल मीडिया पर दोपहर 12 बजे से ही वायरल होने लगी थी। इसके बावजूद करछना पुलिस क्यों अनजान बनी रही। मौके पर लगातार तनावपूर्ण होती वास्तविक स्थिति के बारे में आला अफसरों को सूचना देकर समय रहते जरूरी कदम क्यों नहीं उठाया गया।

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करछना के भडेवरा में बलाव के बाद डीसीपी यमुनानगर, अतिरिक्त पुसिस कमिश्नर व मौजूद पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खुफिया इकाई को नहीं लगी भनक
भड़ेवरा बाजार की घटना का एक कारण स्थानीय खुफिया इकाई की विफलता भी मानी जा रही है। आरोप लग रहे हैं कि स्थानीय अधिसूचना इकाई को न तो भीड़ जुटने की कोई पूर्व सूचना थी। न ही वह उपद्रव की आशंका भांपने में सफल हो पाई। सूत्रों का कहना है कि भीड़ संगठित रूप से पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से बाजार में उपद्रव मचाया। अगर खुफिया इकाई अलर्ट होती तो पुलिस पहले से तैयारी कर सकती थी और हालात को बेकाबू होने से रोका जा सकता था।
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भुंडा चौकी पर रखी गई जली हुई बाइक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सात बाइक की हुई पहचान, 33 के वारिस नहीं आए सामने
बवाल के बाद मौके से सीज की गई लावारिस मिली 40 बाइक में से सात की पहचान हो गई है। जबकि 33 के वारिस अब तक सामने नहीं आए हैं। पुलिस नंबर के आधार पर पता लगाने में जुटी रही कि आखिर लावारिस मोटरसाइकिलें किसकी हैं। मौके से बरामद बाइक के अलावा बवाल के दौरान जलाई गई बाइक को भुंडा पुलिस चौकी पर रखवाया गया है। 

 
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करछना के भड़ेवरा बाजार के पास उपद्रवियों द्वारा जलाई गई बाइक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार देर शाम पुलिस ने जलीं हुई मोटरसाइकिलों को जेसीबी की मदद से भुंडा चौकी में इकट्ठा किया। विदित हो कि उपद्रवियों ने 15 मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया था। इसमें कई राहगीर शामिल थे जो उपद्रव के दौरान बाइक छोड़कर जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे। इसमें सोमवार को कई लोग भंडा चौकी पहुंचे और अपनी बाइक की पहचान करने में जुटे रहे। 
 
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करछना थाने में बैठाए गए उपद्रवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करछना बवाल में 54 नामजद समेत 604 पर केस दर्ज, 75 गिरफ्तार
प्रयागराज के करछना में हुए बवाल के मामले में 54 नामजद समेत कुल 604 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 75 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में 52 नामजद आरोपी हैं जबकि 23 अन्य आरोपी वह हैं, जिन्हें वीडियो फुटेज से चिह्नित किया गया है। 

 

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करछना थाने में बैठाए गए उपद्रवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों में भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल
आरोपियों में भीम आर्मी के करछना तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। इससे पहले पांच थाना क्षेत्रों के 18 गांवों में रात भर चली कार्रवाई के दौरान आरोपियों को धरपकड़ में पुलिस जुटी रही।

 

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भड़ेवरा बाजार में मौजूद पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करछना थाना प्रभारी अनूप सरोज की ओर से सोमवार की सुबह सात बजे करछना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह पूरा बवाल षडयंत्र के तहत कराया गया। 

 

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उपद्रवियों द्वारा तोड़ी जा रही पुलिस की गाड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने जमा की भीड़
भीम आर्मी यमुनापार के करछना तहसील अध्यक्ष अभय सिंह उर्फ सोनू और तहसील उपाध्यक्ष प्रतीक देव वर्मन ने अन्य साजिशकर्ताओं संग मिलकर लगभग 600 उपद्रवियों को भड़ेवरा बाजार चौराहे पर एकत्रित किया।

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करछना के भड़ेवरा में बवाल में बाद तोड़े गए वाहन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिर रामपुर से कोहड़ार जाने वाले एनएच 35 पर जाम लगा दिया। समझाने पर उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला किया और राहगीरों के साथ मारपीट करते हुए उनके वाहनों के साथ ही पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। 

 

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बवाल के दौरान पलटी पुलिस की गाड़ी - फोटो : संवाद
वीडियो और सीसीटीवी की फुटेज की उपद्रवियों की पहचान
कई दोपहिया वाहनों में आग भी लगा दी गई। इससे पहले पुलिस ने देर रात तक वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की उपद्रवियों की पड़ताल की। स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए बवाल में शामिल 52 लोगों को चिह्नित किया गया। 

 

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उपद्रवियों द्वारा नैनी पुलिस की तोड़ी गई गाड़ी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस का दावा है कि जांच में यह बात सामने आई है कि भीम आर्मी के करछना तहसील के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य लोगों की साजिश से यह बवाल कराया गया।

 
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उपद्रवियों द्वारा तोड़ी गई पुलिस की गाड़ी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बवाल में शामिल 52 नामजद आरोपी कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिए गए हैं। 23 अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं जिन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। -विवेक चंद्र यादव, डीसीपी यमुनानगर

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