प्रयागराज के हंडिया में मंगलवार शाम बाइक सवार नकाबपोश तीन बदमाशों ने गंगापार के सपा जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव (50) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात हंडिया थाने से महज 500 मीटर दूर कर्मनाशा मोहल्ले में हुई।
गोली पवन की पीठ पर लगी। गंभीर हालत में उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पवन के बड़े भाई अशोक यादव की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
गांव के प्रधान को हिरासत में लिया गया है। उधर, वारदात के बाद तीनों बदमाश बाइक से फरार हो गए। थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई वारदात वारदात के बाद तीनों बदमाश बाइक से वाराणसी की ओर भाग निकले। हंडिया थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। हंडिया थाना क्षेत्र के मुगरांव गांव निवासी पवन की मां धनराजी देवी भी गांव की प्रधान रही हैं। दोपहर बाद करीब तीन बजे पवन अपनी कार से हंडिया कस्बे पहुंचे।
पवन कुमार यादव की हत्या के बाद घटनास्थल पर पुलिस और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्मनाशा मोहल्ले में उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी की और पास के एक कैफे में दोस्तों से बातचीत करने चले गए। करीब दो घंटे बाद शाम करीब 5:20 बजे वह बाहर निकले। वह जैसे ही कार में बैठने लगे तो प्रयागराज की ओर से बाइक सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे।
बदमाशों ने कार के पास बाइक की रफ्तार धीमी कर दी। बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पवन को सटाकर फायर कर दिया। गोली उनकी पीठ में लगी। वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। पुलिस पवन को हंडिया कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें टैगोर टाउन स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। एसआरएन पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पवन कुमार यादव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों की धुंधली फुटेज पुलिस के लिए चुनौती
प्रयागराज के हंडिया में पवन यादव की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है। अब तक हंडिया कस्बे और आसपास के 42 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। पुलिस ने हंडिया टोल प्लाजा के साथ ही भदोही जनपद के टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी है। फुटेज में तीनों बदमाश बाइक पर वाराणसी मार्ग बरौत की ओर जाते हुए कैद हुए हैं, जो काफी धुंधला है। ऐसे में पुलिस के लिए बदमाशों की पहचान करना चुनौती बन गई है।
उधर, पुलिस पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी फुटेज में बाइक चला रहा बदमाश बिना हेलमेट के दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे बैठे दोनों बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के साथ ही उनकी आवाजाही वाले रास्तों को भी चिह्नित कर रही है। टोल प्लाजा और रास्ते में लगे अन्य कैमरों की फुटेज से बदमाशों के भागने की दिशा और संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार टीमें गठित की हैं। पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने के साथ संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस की जांच में पवन यादव के पूर्व प्रधान रहने के दौरान का पुराना विवाद भी सामने आ रहा है।
पवन कुमार यादव की हत्या के बाद घटनास्थल पर भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस पुराने विवादों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, लेकिन अभी तक ऐसा ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिससे हत्या की वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सके। पुलिस मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिले तथ्यों को जोड़कर हत्या की वजह और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दो भाइयों में छोटे थे पवन यादव
पवन कुमार यादव दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई अशोक कुमार यादव मुगरांव गांव में ही किराना की दुकान और आटा चक्की चलाते हैं। पवन यादव का परिवार लंबे समय से गांव में सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है। उनके चचेरे भाई हरीश चंद्र यादव भी समाजवादी पार्टी में सक्रिय रहे हैं और हंडिया विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। परिवार की राजनीतिक सक्रियता के कारण पवन यादव की क्षेत्र में अच्छी पहचान थी।
पति की मौत की खबर सुन बेसुध हुईं पत्नी
पवन की मौत की खबर मिलते ही पत्नी नीतू देवी बेसुध हो गईं। पवन यादव की तीन बेटियां खुशी, मुस्कान और छोटी तथा बेटा प्रिंस भी पिता की मौत से सदमे में हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कुछ घंटे पहले घर से निकले पवन अब वापस नहीं लौटेंगे। घटना के बाद मुगरांव गांव में भी मातम पसरा है और बड़ी संख्या में ग्रामीण परिजनों को ढांढ़स बंधाने पहुंच रहे हैं।
सपा नेता पवन यादव की गोली मारकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
गांव के प्रधान से चल रहा था विवाद
पवन के बड़े भाई अशोक ने हंडिया थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। परिजनों ने पवन से रंजिश रखने वाले दो लोगों के नाम बताए। पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच में गांव के वर्तमान प्रधान विनोद से जुड़ा सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि पवन और विनोद में विवाद चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच चल रहे विवाद का पवन की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम को भी जोड़कर देख रही है।
उधर, भदोही निवासी जितेंद्र यादव से भी पवन की रंजिश की बात सामने आ रही है। जितेंद्र वर्ष 2022 में हत्या के एक मामले में जेल गया था। जितेंद्र को पवन पर उसकी मुखबिरी करने का संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। वारदात के समय बाइक सवार तीन बदमाशों में से एक का हुलिया जितेंद्र से मिलता-जुलता बताए जाने के बाद पुलिस का शक इस दिशा में भी गया है। पुलिस जितेंद्र का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के साथ यह पता कर रही है कि वह इस समय जेल में है या बाहर।
पुलिस ने शुरू की पवन के मोबाइल की जांच
पुलिस ने पवन का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल में दर्ज कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य जानकारियों को खंगाल रही है। पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटाई रही है। साथ ही पता लगा रही है कि उनका किसी व्यक्ति से धमकी या विवाद तो नहीं था। पवन की हत्या के पीछे पुराना विवाद भी सामने आ रहा है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।