स्मार्ट सिटी की पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना को लापरवाही का घुन लग गया है। महज आठ महीने में कई साइकिलें कबाड़ हो गईं। कई डॉकिंग स्टेशनों पर आधे से कम साइकिलें रह गईं। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में कुछ स्टेशनों के स्टैंड में टूटी साइकिलें मिलीं तो ऐसे भी स्टैंड मिले, जहां बाइक शेयरिंग की जगह आम लोगों ने अपनी साइकिलें लॉक कर रखी थीं। इससे इस योजना के हश्र का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शहर के पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने और लोगों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए शुरू हुई यह स्मार्ट योजना पहले ही चरण में औंधे मुंह गिर गई है। शहर के सात डाकिंग स्टेशनों की पड़ताल में कहीं भी पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना पटरी पर नजर नहीं आई। इन स्थानों में किसी भी स्टेशन पर ऑपरेटर नहीं मिला। बाबा चौराहे के डॉकिंग स्टेशन पर शाम 4:30 बजे 12 में से सिर्फ आठ साइकिलें ही थीं। वहां इस योजना के तहत आवंटित साइकिलों को जमा कराने वाला भी कोई नहीं था।