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प्रयागराज में 275 बसों से साढ़े सात हजार छात्र-छात्राएं और भेजे गए 

Thu, 30 Apr 2020 09:58 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
प्रयागराज। लॉकडाउन के दौरान शहर में फंसे दूसरे जिलों के छात्र-छात्राओं को उनके घर भेजने का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को लगभग 275 बसों से 7500 छात्रों को रवाना किया गया। बीते सोमवार से बुधवार रात दस बजे तक शहर में रहकर तैयारी करने वाले 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को 504 बसों से भेजा जा चुका है। हालांकि, रात दस बजे के बाद भी छात्रों की रवानगी होती रही। 
 
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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बीते सोमवार से छात्र-छात्राओं को उनके घर भेजने का क्रम शुरू हो गया था। विद्यार्थियों को जिलेवार तीन चरणों में बसों से भेजा गया। पहले दिन 33 तथा मंगलवार तक 322 बसों से सात हजार से अधिक विद्यार्थियों भेजा जा चुका था। बुधवार को सुबह दूसरे चरण में शामिल पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के विद्यार्थियों को भेजा गया। वहीं दिन में दो बजे के बाद तीसरे चरण में शामिल जिलों के विद्यार्थियों को भेजने का क्रम शुरू हुआ। इसमें ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले शामिल रहे। बुधवार को 275 से अधिक बसों से 7500 छात्र-छात्राओं को रवाना किया गया।
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शहर में चिह्नित स्थलों पर विद्यार्थियों का सुबह से जुटना शुरू हो गया था तथा गहमा-गहमी का यह माहौल देर रात तक बना रहा। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि सोमवार से बुधवार रात 12 बजे तक 504 बसों को रवाना किया गया। इस दौरान 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उनके घर भेजा गया।

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अब नहीं चलेंगी बसें
दुविधा या अन्य किन्हीं कारणों से अपने घर जाने से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं को अब फिलहाल यह मौका नहीं मिलने जा रहा। बुधवार रात 12 बजे से ही विशेष बसों का संचालन रोक दिया गया। बृहस्पतिवार से बसें नहीं चलाई जाएंगी तथा घर जाने के इच्छुक विद्यार्थियों को अब निराश होना पड़ेगा।
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इविवि के छात्रावासों से अब तक 177 घर भेजे गए 
प्रयागराज। प्रदेश सरकार की पहल पर इविवि एवं प्रतियोगी छात्रों को घर भेजने का काम बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इविवि से मंगलवार को 37 छात्रों को उनके घर रवाना किया गया था। बुधवार को 140 छात्रों को उनके छात्रावासों से घर भेजा गया। प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय एवं डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह छात्रों को घर भेजने की व्यवस्था करते रहे।
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मकान मालिक कर रहे छात्रों को परेशान     
प्रयागराज। शहर के अधिकांश लॉज, छात्रावास खाली हो गए हैं, जो छात्र परीक्षा तैयारी और कॅरियर के नाम पर शहर में हैं, उन्हें अब मकान मालिक परेशान कर रहे हैं। प्रतियोगी छात्रों राहुल पांडेय, योगेश गुप्ता, शिवम आस्थान और सौरभ दुबे ने बताया कि मकान मालिक दबाव बना रहे हैं कि जब सभी छात्र घर जा रहे हैं तो वह क्यों मकान खाली नहीं कर रहे।
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गोरखपुर के रहने वाले राहुल दुबे का कहना है कि शहर से ले जाने वाली बस जिला मुख्यालय पर छोड़ देगी, उसके बाद वहां से 80 किमी दूर घर कैसे जाएंगे। अपने शहर पहुंचने पर प्रशासन ने क्वारंटीन कर दिया तो 14 दिन परेशान होना पड़ेगा। कटरा में रहने वाले सौरभ दुबे एवं शिवम अस्थाना का कहना है कि मकान मालिक लगातार किराए का दबाव बना रहे हैं। बलरामपुर हाउस में रहने वाले योगेश गुप्ता और मम्फोर्डगंज में रहने वाले अशोक पांडेय का आरोप है कि मकान मालिक दिन में बिजली सप्लाई बंद कर कमरा खाली करने का दबाव बना रहे हैं।
 

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 प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने भी पकड़ी घर की राह
प्रयागराज। लॉकडाउन के कारण कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की अधिकांश परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं हैं। परीक्षाएं स्थगित होने के बाद शहर में फंसे बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र बुधवार को निराश होकर घर की ओर रवाना हो गए। एसएससी प्रतियोगियों गौरव कुमार, जयशंकर, लवकुश सोनकर एवं अमित सोनकर ने बताया कि पहले से ही सीएचएसएल- 2019, जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2019, स्टोनोग्राफर ग्रेड सी एवं डी 2019 भर्ती परीक्षा और सीएचएसएल 2018 के स्किल टेस्ट स्थगित कर दिए गए हैं। कई परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी गई है। निकट भविष्य में किसी परीक्षा की संभावना नहीं होने के कारण घर जाना पड़ रहा है।
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प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई बस से गौरव कुमार, जयशंकर एवं लवकुश सोनकर बरेली रवाना हुए तो वहीं  एसएससी प्रतियोगियों में से ही अमित सोनकर गाजीपुर चले गए। गाजीपुर पहुंचने पर अमित की स्क्रीनिंग की गई, उसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन रहने का सुझाव दिया गया। इन परीक्षार्थियों का कहना था कि एक बस में 48 लोगों को बैठा दिया गया, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का उल्लंघन हुआ।
 
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