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हाईकोर्ट में पेश हुए यूपी के डीजीपी, कोर्ट ने कहा- विवेचना, कानून-व्यवस्था को बने अलग-अगल विंग

Thu, 05 Mar 2020 09:03 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
आपराधिक मुकदमों की विवेचना में लापरवाही के मामले में तलब किए गए डीजीपी  हितेश चंद्र अवस्थी बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। अदालत ने उनसे मुकदमों की प्रभावी विवेचना और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल पूछे। कोर्ट ने जानना चाहा कि प्रदेश में विवेचना और कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की अलग-अलग विंग का गठन क्यों नहीं किया जा रहा है।
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यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी। - फोटो : amar ujala
कन्नौज के धर्मपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की पीठ का कहना था कि विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कानून-व्यवस्था का पालन करवाने का भी भार होता है। वीआईपी ड्यूटी और अन्य कार्यों में भी उन्हीं को लगाया जाता है। ऐसे में अपराधों की विवेचना प्रभावित होती है।

कोर्ट ने कहा कि विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। क्या ऐसी कोई योजना पुलिस विभाग में है। डीजीपी ने हलफनामा दाखिल कर कोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई। हालांकि, अदालत इससे संतुष्ट नहीं थी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि नियत करते हुए डीजीपी से बेहतर हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
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