जिस स्थान पर स्वामी अवधेशानंद श्रद्धालुओं से मिलते हैं, उस पंडाल के सबसे ऊपर सुनहले रंग का गुंबद दूर से ही लोगों को आकर्षित करता है। इसी तरह पंडाल के अंदर थर्माकोल और सुनहरे रंग की लकड़ियों से बनाया गया झूमर और उसके चारों ओर की गई लाइटिंग बहुत ही मनोहारी है। जिस पंडाल में अवधेशानंद कथा कहते हैं, उसमें मंच पर जो बैकड्राप लगाया गया है, वह एक बड़ी से पेटिंग है। जिसे देखकर लगता है कि जैसे मंच के पीछे कोई झरना बह रहा है।