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प्रयागराज में 73 अस्पतालों का पंजीकरण होगा निरस्त

Sat, 01 Feb 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
बायो मेडिकल वेस्ट (चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण) न करने वाले 73 अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट और नोटिस के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। चिह्नित अस्पताल संचालकों को सीएमओ ने नोटिस जारी कर 15 दिन में ईटीपी और एसटीपी स्थापना के संबंध में जानकारी मांगी है। निर्देशों का पालन न करने वाले अस्पतालों का 31 मार्च के बाद नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा।
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भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति - फोटो : www.pexels.com
हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अस्पतालों, नर्सिंग होमों और पैथालॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान जिले 16 बड़े और नामचीन अस्पतालों में मेडिकल कचरे के निस्तारण में भारी लापरवाही पकड़ी गई। संचालकों पर बोर्ड ने करीब 23 लाख रुपये जुर्माना लगाया। बोर्ड अफसरों के मुताबिक इन सभी अस्पतालों ने ईटीपी, एसटीपी स्थापित कर जुर्माना भी भर दिया है। 
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health-insurance - फोटो : Pixabay
50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों पर कार्रवाई

हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले के 414 अस्पतालों, पैथालॉजी सेंटरों को नोटिस भेजी थी। कुछ ने जवाब ही नहीं दिया जबकि गिनती के संचालकों ने मानक के मुताबिक काम भी करा लिया। इसके बावजूद बहुत से ऐसे अस्पताल हैं जो चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इस बार 50 बेड से अधिक के 73 अस्पताल संचालकों को नोटिस भेजकर बोर्ड ने सीएमओ से उनके पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की है। 

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E-Waste
क्या है मामला

हाईकोर्ट में तकरीबन छह माह पहले वैशाली सिंह समेत ग्यारह अन्य ने जिले के अस्पतालों और नर्सिंग होमों से निकलने वाले चिकित्सा अपशिष्ट को नष्ट किए जाने में लापरवाही बरतने के मामले में जनहित याचिका दायर की थी। साथ ही 42 नामचीन अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट की तस्वीरें भी कोर्ट को सौंपी गई थीं। बताया गया था कि अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथालॉजी से निकलने वाले कचरे से प्रदूषण बढ़ रहा है और बीमारियां फैल रही हैं। याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकीय संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। 
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medical waste - फोटो : social media
पंजीकरण निरस्तीकरण की सूची में शामिल अस्पताल  
1-नूरसफी मैटरनिटी हास्पिटल, मलाकचतुरी, शिवगढ़, सोरांव
2-सेजल नर्सिंग होम, नरहरपुर हेतापुर, प्रयागराज
3-आर्शीवाद हास्प्टिल, चकरघुनाथ, नैनी, मिर्जापुर मार्ग 
4-गीता हास्प्टिल एंड आर्थोपैडिक ट्रामा सेंटर, प्रयागराज
5-मायो केयर हास्पिटल, ट्रांसपोर्ट नगर, प्रयागराज
6-कृष्णा परिवर्तन प्लास्टिक सर्जरी एंड डेंटल केयर सेंटर
7-नव जीवन ज्योति अस्पताल, जेठवारा रोड, लालगोपालगंज
8-यश हास्पिटल, कोरांव
9-पूजा हास्पिटल, जवाहरलाल नेहरू रोड
10-संजीवनी सेवालय, झूंसी
11-दयाल नर्सिंग होम, नीमसराय मुंडेरा
12-रंजना हास्पिटल, प्रयागराज
13-सचान नर्सिंग होम, प्रयागराज
14-ऊषा हास्पिटल, टैगोर टाउन, प्रयागराज  
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Medical-waste - फोटो : social media
इन अस्पतालों ने भरा जुर्माना, ईटीपी भी लगाया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद कमला नेहरू अस्पताल, जीवन ज्योति अस्पताल, नाजरेथ अस्पताल, प्रीति नर्सिंग होम एवं अस्पताल, शकुंतला अस्पताल समेत दो दर्जन से ज्यादा अस्पतालों ने अपने यहां ईटीपी लगाने के साथ ही जुर्माने की रकम का भुगतान भी कर दिया है। 
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city waste service

जिले में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों, पैथालॉजी संचालकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था करने की मोहलत दी गई है। ईटीपी, एसटीपी समेत अन्य उपकरण स्थापना के साथ ही जुर्माने की रकम भी जमा करानी होगी ताकि दंडात्मक कार्रवाई रोकी जा सके।- जेबी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

ईटीपी, एसटीपी की स्थापना न कराने वाले 73 अस्पताल संचालकों को पंजीकरण निरस्त करने की नोटिस दी गई है। समय पूरा होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। एक अप्रैल से मानक के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण के प्रबंध न करने वालों के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।- मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ
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