भारत जोड़ो न्याय यात्रा रविवार को प्रयागराज पहुंची तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पीछे युवाओं, बेरोजगारों और अल्पसंख्यकों का रेला चल पड़ा। खुली जीप पर बैठे राहुल से मिलने, हाथ मिलाने की होड़ में करीब एक किमी तक जमकर धक्कामुक्की होती रही। किसी की चप्पलें छूटीं तो किसी का चश्मा और गमछा गिरा।
छतों,बारजों से फूलों की वर्षा के बीच राहुल भैया संघर्ष करो हम आपके साथ हैं...जैसे नारे लगाए जा रहे थे। राहुल गांधी ने अपने पैतृक आवास आनंद भवन से भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत शाम 3:30 बजे की। इस दौरान बालसन चौराहे से लेकर स्वराज भवन तक कहीं तिल रखने की जगह नहीं थी।
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Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra
- फोटो : PTI
राहुल से मिलने, उन तक अपनी बात पहुंचाने वालों की चाह रखने वाले हजारों युवा हाथों में तख्तियां और बैनर लिए उनका ध्यान खींचते रहे। खुली जीप पर सवार राहुल सड़कों से लंबी अभिवादन करने के साथ लोगों से बदलाव का आह्वान करते रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक छात्र मनीष तिवारी छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर बात करना चाहते थे।
वह राहुल की जीप की ओर जब बढ़े, तब उन्हें कमांडो दस्ते के जवानों ने पीछे से खींच लिया, लेकिन राहुल गांधी के हृस्तक्षेप पर वह अपना ज्ञापन उन्हें दे सके। इसी तरह छात्रा श्वेता और नम्रता भी महिलाओं की सुरक्षा गारंटी के मुद्दे पर मिलने आईं थीं। वह उसी भीड़ में धक्के खाती रहीं।
शंकरगढ़ से आए शिवम पटेल का कहना था कि गरीबों, पिछड़ों के हक की बात राहुल ही कर रहे हैं। इसलिए उनकी यात्रा में वहां से चला आया हूं। भीड़ इस कदर थी कि शहर अध्यक्ष प्रदीप अंशुमान तक राहुल की जीप तक नहीं पहुंच सके। अंतत: किसी तरह उन्होंने कटरा चौराहे के पास राहुल को 21 किलो वजन की पीतल की गदा भेंट की।
किसी ने गुलाब का फूल भेंट किया तो किसी ने मिठाई का डिब्बा जीप पर पहुंचाया। छतों-बारजों पर लोग टकटकी लगाए रहे। साथ ही रास्ते भर राहुल के कारवां पर पुष्पवर्षा होती रही।
नेतराम चौराहे पर शहर के व्यापारियों ने भी स्वागत किया। यहां नेतराम का लड्डू राहुल को चखने के लिए दिया गया। इस दौरान कई जगह धक्कामुक्की में लोग गिरकर चोटहिल भी होते रहे। पटरियों पर खड़ी सैकड़ों मोटरसाइकिलें भी गिर गईं।
छठवीं के छात्र को राहुल ने बुलाया, टॉफी खिलाई और पूछा हाल
प्रयागराज के नेतराम चौराहे से आगे बढ़ने पर राहुल गांधी की नजर माला लेकर खड़े एक बच्चे पर पड़ी। वह उनसे मिलना चाह रहा था, लेकिन भीड़ के सैलाब के बीच वहां तक पहुंचना संभव नहीं था। आखिरकार राहुल ने अपनी जाप रोकवा दी।
उनका इशारा मिलने के बाद बीएचएस के छठवीं कक्षा के छात्र यश अग्रवाल को लोगों ने उठाकर जीप पर पहुंचा दिया। इस दौरान राहुल ने यश को टॉफी दी और पढ़ाई के बारे में पूछा भी। यश के पिता अनूप अग्रवाल ने भी परिवार के सदस्यों के साथ राहुल का स्वागत किया।