फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जले दीप, आस्था-भक्ति और विश्वास का हुआ संगम, संतों ने डुबकी संग लगाए जयकारे

Tue, 02 Jun 2020 12:42 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj
शहर से लेकर गंगा-यमुना के तटों तक सबकुछ अनलॉक होने के साथ ही गंगा दशहरा पर संगम की रेती आस्था के दीपों से जगमगा उठी। मां गंगा के सामने आंचल फैलाकर मनौतियां करने के साथ ही हल्दी-चंदन के टीकों से शुभ और शांति की कामनाएं की जाने लगीं। इस साधु-संतों समेत हजारों श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।

पौ फटने के साथ ही लोग गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती में आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम पहुंचने लगे। इसी के साथ तीर्थपुरोहितों की चौकियों संकल्प दिलाए जाने लगे और स्नान-ध्यान, दीपदान शुरू हो गया। जगह-जगह महिलाएं रेती पर शिवलिंग बनाकर पूजने लगीं। महिलाएं समूहों में गंगा माता के मंगल गीत गाने लगीं।
विज्ञापन

2 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj
देखते-देखते संगम तट पर गंगा दशहरा का उत्सव गुलजार हो गया। कामनापूर्ति के लिए दुग्धाभिषेक कराया जाने लगा तो फूलमाला की टोकरियां लेकर बच्चे संगम की रेती पर दौड़ने लगे। हालांकि गंगा दशहरा पर इस बार अपेक्षाकृत भीड़ कम रही। फिर भी चहल पहल बनी रही। सुबह ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ ही तमाम साधु-संतों ने भी संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।
विज्ञापन

3 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj
संगम स्नान करने वालों में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री महंत हरि गिरि,जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि,  जूना अखाड़े के पूर्व अध्यक्ष महंत सोहन गिरि, महानिर्वाणी अखाडे़ के महंत यमुना पुरी, महंत पुष्कर गिरि,महंत इच्छा गिरि,  थानापति अरुण भारतीय शामिल थे। संगम पर डुबकी के साथ ही संतों-भक्तों ने हर हर महादेव, हर हर गंगे... जय जय गंगे ... के जयकारे भी लगाए।


इसी दशहरा पर ही गंगा का पृथ्वी पर अवतरण होने की मान्यता रही है। इस दिन गंगा में स्नान, पूजा और ध्यान से मन, वाणी और कर्म से किए गए पापों से मुक्ति मिल जाती है। महंत हरि गिरि, महामंत्री-अखाड़ा परिषद।

4 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj

भीड़ बढ़ी तो पुलिस ने संगम के रास्तों पर कराई बैरिकेडिंग

संगम पर गंगा दशहरा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कोरोना संक्रमण के देखते हुए रास्तों पर बैरिकेडिंग करवा दी। संगम जाने वाले मार्गों पर जगह-जगह बैरियर लगाकर लोगों को रोका जाने लगा। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु चाहकर भी संगम तक नहीं जा सके। काली मार्ग, अक्षयवट मार्ग, लाल मार्ग के अलावा बेनी बांध पर बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को संगम की ओर जाने से रोक दिया गया। संगम के मार्गों से वापस किए गए श्रद्धालुओं ने नागवासुकि के अलावा यमुना बलुआ घाट व अरैल में डुबकी लगाई।
विज्ञापन

5 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj

मां गंगा से की गई प्रार्थना, संगम बन जाए विश्व धरोहर 

प्रयागराज सेवा समिति की ओर से सोमवार को गंगा दशहरा पर दशाश्वमेध घाट पर अनुष्ठान व आरती, पूजन के साथ संगम को विश्व धरोहर बनाए जाने के लिए प्रार्थना की गई। प्रयागराज सेवा समिति के तीन दिनी गंगा दशहरा महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने दशाश्वमेध घाट पर डुबकी भी लगाई। संस्था के अध्यक्ष पं धर्मराज पांडेय के नेतृत्व में पूजन -अर्चन कर मां गंगा से संगम विश्व धरोहर अभियान की सफलता की कामना की गई।
विज्ञापन

6 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj
शाम को नागवासुकि मंदिर में पुजारी पं श्याम धर त्रिपाठी की देेखरेख में पुष्प शृंगार के बाद महा आरती उतारी गई। दीपदान भी किया गया। सभी कार्यक्रमों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक व संस्था के सचिव तीर्थराज पांडेय बच्चा भैया, महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुपमा पांडेय,अंशुमान त्रिपाठी, रामजी पांडेय, सांस्कृतिक मंत्री विष्णु दयाल श्रीवास्तव, केसी पांडेय, भक्तराज पांडेय सहित तमाम श्रद्धालु उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
prayagraj news - फोटो : prayagraj

अरैल घाट पर उतारी गई गंगा आरती

कोरोना आपदा और देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर अबकी प्रयाग संगम आरती समिति की ओर से सोमवार को सादगी से गंगा दशहरा मनाया गया। अरैल घाट पर फलाहारी बाबा आश्रम के सामने स्वामी रामरतन दास के आचार्यत्व में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पांच बटुकों के साथ मीडिया प्रभारी प्रमोद बंसल ने गंगा की आरती उतारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें