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प्रयागराजः चार सप्ताह बाद खुले दफ्तर, हर कक्ष, पिछले वित्तीय वर्ष के बजट की फाइलें हुईं दुरुस्त

Mon, 20 Apr 2020 09:02 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
लॉकडाउन अभी खत्म नहीं हुआ है लेकिन, चार सप्ताह बाद सोमवार को सरकारी दफतर खुले तथा चहल-पहल बढ़ गई। हालांकि, कर्मचारियों की उपस्थिति एक तिहाई ही रही। उनमें भी कोरोना वायरस को लेकर भय रहा तथा दिन भर इस बीमारी की ही चर्चा होती रही। विकास भवन में सीढ़ी, रेलिंग आदि के साथ हर कक्ष एवं चेयर को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद भी कहां हाथ रखें, कहां नहीं, फाइलों को छूने आदि को लेकर कर्मचारी अतिरिक्त सतर्कता बरतते दिखाई दिए।
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विकास भवन परिसर में 24 विभाग हैं, जहां कुल कर्मचारियों की संख्या करीब 500 है। सभी विभागाध्यक्षों की ओर से अलग-अलग आदेश जारी करके 33 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाया गया था। विभागाध्यक्षों की ओर से यह आदेश भी जारी कर दिया गया है कि किस दिन किन्हें आना है। इस आदेश की प्रति और परिचय पत्र ही कर्मचारियों का पास है। हालांकि, कृषि, उद्यान, पंचायती राज समेत कई विभाग आवश्यक सेवाओं में शामिल रहे और बंदी के दौरान भी इनमें जरूरी काम हुए। 
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चूंकि, लॉकडाउन पिछले वित्तीय वर्ष के खत्म होने से एक सप्ताह पहले ही लागू हो गया था। ऐसे में पहले दिन पिछले वित्तीय के बजट का लेखाजोखा तथा फाइलों को दुरुस्त करने में बीता। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट और योजनाओं पर चर्चा हुई। इनके अलावा अन्य विभागाध्यक्षों की ओर से प्राथमिकता के आधार पर काम की सूची भी उपलब्ध कराई गई। उधर, उत्तर प्रदेश कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह ने डीएम और सीडीओ से पत्र के माध्यम से सरकारी कार्यालयों के नियमित सैनिटाइजेशन, सफाई आदि की मांग की।

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पहुंचे गए आम लोग

सरकारी कार्यालय सोमवार से खुल जरूर गए लेकिन, आमलोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। किसी तरह की सुनवाई भी नहीं होगी। इसके बावजूद विकास भवन में कई लोग काम लेकर पहुंचे थे। दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे दो बुजुर्ग महिलाएं तो रिक्शे से पहुंच गईं थीं। उनका पेंशन से संबंधित काम था।
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शर्तों के साथ उद्योगों को खोलने की अनुमति, 15 आवेदन

सोमवार को सभी उद्योग को चालू करने की अनुमति दे दी गई। हालांकि, सिर्फ उत्पादन वाली इकाइयों को ही अनुमति दी गई है, वह भी कई पाबंदियों के साथ। इन पाबंदियों के साथ नैनी औद्योगिक क्षेत्र तथा तेलियरगंज की 15 कंपिनयों ने उत्पादन शुरू करने के लिए आवेदन भी कर दिया है।

डीएम भानु चंद्र गोस्वामी की अगुवाई में सोमवार को कारखाने शुरू करने पर चर्चा हुई। तय हुआ कि कर्मचारियों को कार्यालय परिसर में ही रखने की व्यवस्था करनी होगी या फिर उन्हें लाने और घर पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम करना होगा। कर्मचारियों को अलग-अलग पास जारी नहीं किए जाएंगे। कारखाना के मालिक और एक वाहन के लिए ही पास जारी होगा। कोई कर्मचारी फैक्ट्री परिसर के बाहर भी नहीं निकलेगा।
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इस पर निगरानी रखने के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। निगरानी की जिम्मेदारी नैनी थाना क्षेत्र के एसओ पर होगी। डीएम ने सभी कर्मचारियों का विवरण भी कलक्ट्रेट में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। ये निर्देश नैनी औद्योगिक क्षेत्र और तेलियरगंज स्थित इकाइयों के लिए हैं। इनसे बाहर अन्य इकाइयों के संचालकों को यह भी बताना होगा कि वे कारखाना कैसे चलाएंगे। डीएम ने निर्देश दिया कि सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन भी सुनिश्चित करना होगा। 

बैठक में वाहनों के शोरूम एवं वर्कशॉप संचालक भी मौजूद रहे। उन्होंने भी काम शुरू करने की अनुमति मांगी लेकिन उत्पादन वाली इकाइयों के अलावा अन्य किसी उद्योग को चालू करने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक में उपायुक्त उद्योग अजय चौरसिया तथा प्रमुख उद्यमी भी मौजूद रहे।
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निर्माण कार्यों पर जोर, खनन भी शुरू

सोमवार से अधूरे निर्माण कार्यों को भी शुरू करने की अनुमति मिल गई। शिक्षा, पंचायती राज, पीडीए, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई समेत कई विभागों की निर्माण योजनाएं बीच में रुक गई हैं। अब रोक हटने के बाद इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में ही इसकी रणनीति बना ली गई थी। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कई पाबंदियों का भी पालन करना होगा।

कालोनी या अन्य बड़े निर्माण में मजदूरों को साइट पर ही रखने की व्यवस्था करनी होगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी सुनिश्चित करना होगा। घरेेलू निर्माण कराने वालों को भी आसपास के मजदूरों से काम कराना होगा। सरकारी विभागों की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न निर्माण योजनाओं को पूरा करने पर जोर होगा। मनरेगा के तहत काम कराए जाएंगे।

इसमें संबंधित गांव के मजदूरों को ही काम दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प योजना के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय, बाउंड्री, हैंडपंप आदि कार्र्यो में तेजी लाई जाएगी। इन काम में लगे मजदूरों को उसी विद्यालय में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी। विभागाध्यक्षकों ने अन्य निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अन्य विभाग के निर्माण कार्यों के लिए भी अलग-अलग दिशा निर्देश तैयार किए गए हैं।

खनन शुरू, नहीं होगी बालू-गिट्टी की कमी

बालू और गिट्टी खनन तथा इनके परिवहन की भी अनुमति मिल गई है। आवंटियों से खनन में लगे कर्मचारियों, सैनिटाइजेशन की व्यवस्था आदि की बाबत जानकारी मांगी गई है। वरिष्ठ खान अधिकारी की ओर से इनके सत्यापन के बाद खनन शुरू हो जाएगा।
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