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प्रयागराज में गंगा यमुना उफान पर : आबादी क्षेत्र में पहुंचा पानी, बाढ़ चौकियां अलर्ट, एनडीआरएफ तैनात

Mon, 31 Aug 2026 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood: संगम नगरी में गंगा-यमुना का बढ़ता दबाव अब डराने लगा है। प्रयागराज के फाफामऊ, नैनी और इलाहाबाद लेवल स्टेशनों पर जलस्तर लगातार ऊपर की ओर दर्ज किया गया है। गंगा-यमुना के बढ़ते पानी के बीच शहर के निचले इलाकों में बाढ़ की विभीषिका साफ दिखाई देने लगी है। संगम क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर तक भी पानी पहुंचने से हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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प्रयागराज में गंगा और यमुना उफान पर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
गंगा और यमुना में लगातार बढ़ता पानी निचले इलाकों में आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया। हालात रविवार की अपेक्षा सोमवार को और अधिक चिंताजनक हो गए। दोनों नदियों का पानी दिनभर तेजी से बढ़ता रहा। सोमवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में 82.72 मीटर पर और यमुना का जलस्तर नैनी में 82.32 मीटर पर पहुंच गया। छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.94 मीटर दर्ज किया गया। नदियों का का चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर पर और खतरे का निशान 84.734 मीटर पर है।




गंगा और यमुना चेतावनी बिंदु से लगभग मीटर नीचे है। रविवार की अपेक्षा सोमवार दोपहर तक निचले इलाकों में भरा पानी और आगे तक बढ़ गया। शाम तक आबादी के एक बड़े हिस्से तक जलभराव की आशंका है।  दारागंज में प्रभावित परिवार जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। दारागंज से नागवासुकि की ओर जाने वाली रिंग रोड पानी में पूरी तरह डूब गई।

छोटा बघाड़ा और सलोरी क्षेत्र में भी पानी पहुंच गया। लोगों ने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। रसूलाबाद घाट तक पानी पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार प्रभावित हो गए। अब व्यवस्था और आगे की ओर कर दी गई है। घाट पर आने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

उधर, यमुना नदी भी उफान पर है। गऊघाट, बलुआघाट और बरगदघाट के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से लोग घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालाें को सतर्क करना शुरू कर दिया है। मुनादी कराकर अलर्ट किया जा रहा है।
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जलभराव का डर, बाशिंदे दरबदर

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शहर के कई इलाकों में भरा पानी, सड़कें जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला।
रविवार को थम-थमकर पांच घंटे हुई बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में फिर जलभराव गया। कालिंदीपुरम में शादाब चौराहे से महर्षि स्कूल रोड तक घरों में पानी घुसने से पहले जैसे हालात पैदा हो गए। परेशानी तब और बढ़ गई जब एक बार की बारिश का पानी निकलते ही कुछ ही घंटे में फिर बारिश होने लगती। लगातार ऐसे हालात बनने से कालिंदीपुरम के लोग घर छोड़कर जाने लगे हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि जलभराव की समस्या से परेशान होकर नाते-रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग किराये का मकान तलाश रहे हैं। कुछ तो छोड़कर चले भी गए हैं। दिक्कत ये है कि एक बार पानी घर के भीतर भर जाता है तो अगली सुबह सीवर का ढक्कन खोलने पर ही बाहर निकलता है। यह पीड़ा कालिंदीपुरम और आसपास के इलाकों में लगातार बनी हुई है।
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तेज बारिश और बढ़ा रही मुसीबत

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संगम क्षेत्र का वीआईपी घाट जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला।
रविवार को हर घंटे की बारिश लोगों की बेचैनी बढ़ा रही थी। करैलाबाग, इस्लाम नगर, आनंदपुरम जाफरी कॉलोनी, बेनीगंज, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम व भावापुर में लोगों के माथे की लकीरें पूरा दिन तनी रहीं। सिर्फ एक घंटे की बारिश में ही नालों का पानी मोहल्लों की गलियों में बहना शुरू हो गया। बारिश बढ़ी तो गलियाें का पानी उफनाकर घरों में पहुंचने लगा।

साउथ मलाका स्थित आजाद स्क्वायर निवासी सिद्धार्थ सौरभ और महेंद्र यादव ने बताया कि तीन दिन से बारिश बराबर हो रही है। घर में घुटने तक पानी भर गया है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें? एक बार पानी भरने के बाद निकलने में चार से पांच घंटे लग जाते हैं। इसी बीच दोबारा बारिश होने पर पानी फिर भरने लगता है।

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छोटा बघाड़ा के कछारी इलाकों में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
शहर के मुख्य मार्ग हुए जलमग्न

लगातार बारिश की वजह से राजरूपपुर पार्षद आवास के आगे, मधवापुर सब्जी मंडी, सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास, चिंतामणि रोड, कोठापार्चा, रामबाग, अलोपीबाग, लीडर रोड, हाईकोर्ट पानी टंकी के पास, सुलेम सरायं नेहरू पार्क, रेलवे मुख्यालय डाट पुल के नीचे, मुट्ठीगंज स्थित आर्य कन्या डिग्री कॉलेज के पास, बनर्जी चौराहा व मीरापुर सहित कई इलाकों में पानी भर गया।
जलमग्न हुए मुख्य मार्ग

चौफटका पुल के नीचे, महाराणा प्रताप चौराहा, सीएमपी डिग्री कॉलेज से मधवापुर सब्जी मंडी, मेडिकल चौराहा, बाई का बाग, पत्रिका मार्ग सहित कई मार्गों पर जल भराव हो गया। यहां आवागमन बाधित रहा।
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दारागंज श्मशान घाट जलमग्न हो जाने के कारण अंतिम संस्कार में भी हो रही दिक्कत। - फोटो : अमर उजाला।
जार्जटाउन व अल्लापुर में बेहतर हुई जल निकासी

हालांकि अल्लापुर व जार्जटाउन में जल निकासी पहले से बेहतर हुई है। अब बारिश के बाद चार से पांच घंटे के भीतर पानी निकलने लगा है। स्थानीय लोगाें ने राहत की सांस ली है।

जल निकासी के लिए नियमित प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर पानी निकालने का काम कर रही हैं। शहर के बड़े नालों की सफाई भी कराई जा रही है। - शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त।
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दशाश्वमेध घाट पर तेजी से बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
मंडराने लगा खतरा... राहत केंद्र खोलने की तैयारी

गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो शहर में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर खोल दिए जाएंगे। राहत चौकियों को सक्रिय किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया जाएगा।
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प्रयागराज में लगातार हो रही है बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
यहां बढ़ेगा बाढ़ का असर

गंगा किनारे बसे छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, झूंसी, फाफामऊ, नेवादा-चांदपुर, गोविंदपुर सलोरी, राजापुर बेली कछार, शिवकुटी-रसूलाबाद, अल्लापुर-मीरापुर में निचले हिस्सों में पानी घुसने के आसार हैं। जलभराव और आवागमन बाधित होने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की परेशानी होगी। संगम-दारागंज, दरियाबाद-गऊघाट, करेली-गौसनगर और नैनी आदि प्रमुख जगहों में यमुना का पानी बढ़ने पर जलभराव, घरों के ग्राउंड फ्लोर में पानी पहुंचने और आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
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छोटा बघाड़ा के कछारी इलाकों में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
सबसे बड़ी चिंता : घर, बिजली, पानी और आवागमन

जलस्तर और बढ़ने पर इन इलाकों में घरों में पानी घुसने, सड़कों पर आवागमन ठप होने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने, पेयजल और जलनिकासी की समस्या बढ़ने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है। पिछली बार बाढ़ में जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर और करेली जैसे निचले इलाकों में भी जलभराव से लोगों को परेशानी हुई थी।
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