शहर के लिए सिविल लाइंस विवेक मणि त्रिपाठी के पिता इंद्रमणि त्रिपाठी शिक्षक हैं। विवेक बचपन से दृष्टिबाधित हैं। हालांकि उनमें प्रतिभा कूट-कूटकर भरी है। जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।
19 साल के विवेक डीएड की पढ़ाई कर रहे हैं। दृष्टिबाधित होने के बाद भी वह मोबाइल धड़ल्ले से चलाते हैं। उन्होंने अपने मोबाइल में टॉकबैक एप डाउनलोड किया है, जिससे अपना काम कर लेते हैं। वह दृष्टिबाधित साथियों को इसका ज्ञान देते हैं। वह मोबाइल पर अपनी पढ़ाई भी कर लेते हैं। बोले- विवेक, यह उनके जीवन की एक उपलब्धि है।
शनिवार को प्रधानमंत्री के हाथों स्मार्ट मोबाइल फोन मिलने के बाद विवेक की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह फूले नहीं समा रहे हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही विवेक से मिले हुए मोबाइल फोन से साथ में एक सेल्फी लेने की बात कही तो खुशी दोगुनी हो गई।
प्रधानमंत्री से यह सम्मान पाने से विवेक खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं कि यह पल भले ही देख नहीं सके हैं, लेकिन इसे महसूस जरूर किया है। यह हमारे ही नहीं सभी दृष्टिबाधित साथियों के लिए गौरव का पल है। वह इस सेल्फी को जीवन भर संजो के रखेंगे। यह उनके जीवन की एक उपलब्धि है।