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डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक अब अगर बुखार का भी मरीज है और उसे खांसी, जुकाम की शिकायत नहीं है तो भी उसका नमूना लिया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विवरण की पूरी रिपोर्ट अपने-अपने प्रभारियों के माध्यम से सीएमओ मुख्यालय भेजेंगी।
सीएमओ दफ्तर में तैनात विशेषज्ञों की टीम बीमार लोगों के विवरण का एनालिसिस करेगी और जरूरत के मुताबिक उनका स्वाब सैंपल कलेक्शन कराएगी। इसके अलावा टेलीकाउंटर भी बनेगा। जहां से बुखार या कोरोना के संदिग्ध लोगों की फोन कर लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें मेडिकल सलाह या फिर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।