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प्रयागराजः बाढ़ पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी ने दिलाया भरोसा ‘मैं हूं ना’

Sat, 21 Sep 2019 02:15 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचे योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुखिया के साथ अभिभावक के रूप में भी नजर आए। बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस कुछ दिनों का संकट है और दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस दौरान सरकार पीड़ितों हर तरह से मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से राहत कार्यों तथा बाढ़ की बाबत जानकारी ली। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों का भी हालचाल जाना। इस दौरान बच्चों के प्रति उनका विशेष स्नेह दिखा। उन्होंने पुचकारा और पीठ थपथपाई तो बच्चाें ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिए। कई नन्हों-मुन्नों को तो यह पता भी नहीं था कि  उनके सामने मुख्यमंत्री खड़े हैं। वे पीछे हटने लगे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया।
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
हवाई निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री न्यू कैंट हाईस्कूल राहत शिविर पहुंचे। वहां पहले वह पीड़ित परिवारों के बीच गए। मुख्यमंत्री ने रोहित से बाढ़ के बारे में पूछा। उन्हाेंने शिविर में मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। पास में ही खड़े दो बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पूछा कि दूध मिला या नहीं। बच्चों ने हां में सिर हिलाया तो इसके बाद पढ़ाई आदि के बारे में उनसे सवाल किए। एक अन्य कमरे में कई बच्चे एक साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री उनके बीच पहुंच गए और उनसे बातचीत की। बच्चों ने बताया कि उनके घरों में पानी भर गया है। इसलिए वे यहां आए हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हंसते हुए कहा कि  अब तो स्कूल में भी छुट्टी हो गई है। फिर तो खूब मस्ती हो रही होगी। इस पर बच्चों ने बताया कि नहीं, यहां पर भी वे पढ़ाई कर रहे हैं। नौ वर्षीय सविता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूछा कि घर में कौन-कौन है। उन्होंने बाढ़ की भी जानकारी ली। गुड्डू ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई, खेलकूद के बारे में पूछा। पीड़ितों से मुलाकात का यह सिलसिला करीब 10 मिनट तक चला। इसके बाद उन्होंने चिह्ति 25 परिवारों के मुखिया को राहत सामग्री वितरित की।
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
न्यू कैंट के बाद मुख्यमंत्री उमराव सिंह इंटर कालेज शिविर में भी पहुंचे तथा पहले पीड़ितों से मुलाकात की। वहां का नजारा भी बहुत जुदा नहीं था। बड़ों से ज्यादा उन्होंने बच्चों से बातचीत की। एक बालक अपनी छोटी बहन को गोद में लेकर दुलार रहा था। मुख्यमंत्री वहीं रुक गए और दोनों के गाल पर हाथ फेरा। दीपू नामक बच्चे से उन्होंने परिवार के बारे में पूछताछ भी की। एक बच्चे के कंधे पर हाथ रखकर मुख्यमंत्री कुछ दूर तक साथ चले। इस दौरान वह उससे लगातार बात करते रहे। बालक ने भी मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गंभीर रूप से घायल अयोध्या चौधरी ने भी शिविर में शरण ले रखी है। अयोध्या सीढ़ी से गिर गए थे, जिससे उनके हाथ, पैर में काफी चोट लग गई। मुख्यमंत्री ने अयोध्या से इस बाबत पूरी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि शिविर में दवा तथा अन्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। उसी कमरे में मौजूद शांति देवी से भी उन्होंने शिविर में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। शरणार्थियों से मुलाकात के बाद उन्होंने राहत सामग्री वितरित की। इसके बाद वह पुलिस लाइन के लिए रवाना हुए।

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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
मुख्यमंत्री ने ज्यादातर बच्चों से उनके नाम पूछे तो यह सवाल भी किया कि कहां रहते हो। उनमें से कई बच्चों का जवाब था कि वे इलाहाबाद में रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, अब यह प्रयागराज हो गया है। बोलो प्रयागराज में रहते हैं।
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
उमराव सिंह गर्ल्स इंटर कालेज (सेंट जोसेफ स्कूल गर्ल्स विंग) राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने चार बच्चाें का पहला जन्म दिन भी मनाया। मुख्यमंत्री को जानकारी हुई कि शिविर में आए कुछ बच्चों का जन्म दिन है तो वह उनके बीच पहुंच गए। वहां मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचन सिन्हा, रेनू अग्रवाल, सुशीला देवी, अर्चना ने जन्मदिन मनाने की पूरी तैयारी भी कर रखी थी। केक पहले से मंगाया गया था। गुब्बारे का भी इंतजाम था।
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
मुख्यमंत्री ने बच्चों को माला पहनाया  फिर केक काटा। उन्होंने अपने हाथ से बच्चों को केक खिलाया। जन्म दिन रित्विक, शिवा, अभि पांडेय और रोहित राय का था। शिवा के पिता मोहन गुप्ता, एक बच्चे दादी अलका देवी, एक अन्य बच्चे की नानी दुर्गा देवी का कहना था कि मुख्यमंत्री ने उनका भी हालचाल लिया। इस तरह से बच्चे का जन्म दिन मनाए जाने पर उनमें खुशी थी। हालांकि, बाढ़ पीड़ित होने का दर्द भी उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। रोहित की मां की तबीयत खराब है। वह चलने में असमर्थ हैं। इसलिए वह बाढ़ में घिरे घर में ही हैं। 
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‘राहत’ के लिए तीखी धूप में घंटों इंतजार, दो महिलाएं गिरी

प्रयागराज। मुख्यमंत्री के हाथों राहत सामग्री पाने के इंतजार में बैठे लोगों के लिए हर पल काफी भारी पड़ा। न्यू कैंट हाईस्कूल राहत शिविर में पहुंचे पीड़ित परिवारों को तीखी धूप में सुबह 10 बजे ही बैठा दिया गया था। जबकि, मुख्यमंत्री करीब एक बजे वहां पहुंचे। वहां टेंट की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। उमस भरी गर्मी से लोगों का और बुरा हाल था। तीखी धूप और गर्मी की वजह से रुचि पॉल नामक महिला गश्त खाकर गिर पड़ी। तत्काल पहुंचे चिकित्सकों ने दवा दी। एक अन्य महिला भी गिर पड़ी। उसके परिवार वाले बाहर किसी अस्पताल में गए।

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‘दर्द तो बहुत है लेकिन मुख्यमंत्री ने सुनी ही नहीं’

शिविर में पहुंची महिलाएं मुख्यमंत्री के सामने बाढ़ की विभिषिका के अलावा अन्य समस्याएं भी उठाना चाहती थीं। न्यू कैंट शिविर में शरण लेने वाली सुमन का कहना था कि  उन्हें कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। राशन कार्ड तक नहीं बना है। मालती का भी कहना था कि  वह आयुष्मान कार्ड तथा अन्य योजना के लाभ से वंचित हैं। वह इसकी शिकायत करना चाहती थीं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से दूर कर दिया गया था। इसी तरह की शिकायत कई अन्य लोगों की भी रही। बाढ़ पीड़ितों को मुख्यमंत्री के संबोधन का भी इंतजार था। राहत सामग्री वितरण के बाद उनके संबोधन की व्यवस्था भी की गई थी लेकिन मुख्यमंत्री बिना कुछ बोले वापस हो गए।

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मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए सजा दिए शिविर

भाजपा नेता पूर्व पार्षद पुष्पा कुशवाहा ने शिविरों में भारी अव्यवथा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि  उमराव सिंह गर्ल्स इंटर कालेज शिविर में सुबह सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गईं। सफेद चादर भी बिछा दिए गए। जबकि, बृहस्पतिवार रात तक लोग ऐसे ही पड़े थे। अब्दुल, शंकुतला आदि का कहना था कि उन्हें सुबह का नाश्ता नहीं मिला। जब नाश्ता मिल रहा था उस दौरान वे नहीं थीं। आने के बाद उन्होंने नाश्ता मांगा लेकिन नहीं मिला। दिन में दो बजे तक शिविर को लोगों को खाना भी नहीं मिला था।

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मुख्यमंत्री के आने से पहले शिविरों में सबकुछ ओके

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले राहत शिविरों का पूरा स्वरूप ही बदल गया था। सुबह पहुंचे लोगों को लगा कि वे कहीं किसी आयोजन में तो नहीं पहुंच गए। न्यू कैंट शिविर में टेंट लग गया था। परिसर में घुसते ही चिकित्सकों की टीम दवा के साथ मौजूद रही तो स्टाल लगाकर पोषण की जानकारी भी दी जा रही थी। भूट्टा, फल आदि की मदद से रंगोली बनाई गई थी। इतना ही नहीं वहां साउंड सिस्टम के साथ एलईडी भी थी। मुख्यमंत्री के आने से पहले उस पर दंगल फिल्म दिखाई जा रही थी। बाहर बरामदे में बैट, गेंद, बैडमिंटर, कैरम, लूडो समेत बच्चों के खेलने की कई वस्तुएं थीं। लूडो आदि का तो वितरण भी किया गया था। वहां कई मैंगजीन, अखबार भी रखे थे। बच्चों ने बताया कि सुबह उन्हें योग भी कराया गया। इसी तरह का नजारा उमराव सिंह इंटर कालेज, ऋषिकुल हाईस्कू, महबूब अली इंटर कालेज राहत शिविर में भी रहा। महबूब अली इंटर कालेज में परिसर में रातों रात इंटरलॉकिंग कर दी गई थी। वहीं उमराव सिंह में बाढ़ पीड़ितों के लिए शुक्रवार को लाइब्रेरी भी खोल दी गई। इस माहौल से खुश शरणार्थियों का कहना था कि काश, मुख्यमंत्री शुरू में ही जाते...।

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एनी बेसेंट में जुदा था मौहाल

हालांकि बघाड़ा के एनी बेसेंट इंटर कालेज राहत शिविर के हालात उमराव सिंह और न्यू कैंट से अब भी जुदा हैं। वहां अब भी पहले जैसे हालात हैं। चादर तो दूर सभी को बिस्तर तक नसीब नहीं है। कई अन्य शिविरों में भी शरणार्थियों को जरूरी सुविधाओं का तक इंतजार है। मुख्यमंत्री के आगमन पर सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं ने भीड़ नियंत्रण में पुलिस का हाथ बंटाया। राहत सामग्री वितरण के दौरान भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के साथ रहे। एसीएम द्वितीय के साथ सदस्यों ने बेली कछार में घर-घर जाकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान एलके अहेरवार, रविशंकर द्विवेदी, महेन्द्र सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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सीएम बोले, बाढ़ से बचाव का करेंगे स्थायी समाधान

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी और ठोस समाधान निकालेंगे। इसके लिए जल्द लखनऊ में प्रभावित जिलों के सांसद, विधायक और तकनीकी अफसरों संग बैठक की जाएगी। योजना ऐसी होगी कि प्रयागराज समेत पूर्वांचल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों को राहत मिले। पुलिस लाइन हेलीपैड पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने शहर उत्तरी के विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी ने यह मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि आबादी क्षेत्र का विस्तार होने से गंगा पर नए बांध की जरूरत है। साथ ही इस बांध पर रिंग रोड भी बनाई जाए, जिससे बक्शी बांध की तरह लोग आवागमन भी कर सकें। सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, सांसद केशरी देवी पटेल समेत अन्य विधायकों ने इस पर सहमति जताई। विधायक के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बचाव के ठोस उपाय करने का आश्वासन दिया है। इस बारे में लखनऊ में पूर्वांचल के सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों की बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे। 
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