Naga sadhu
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धूने में सिर्फ बड़, आंवले, बेल, मदार की लकड़ियां ही इस्तेमाल में आती हैं। इससे निकली भभूति में चंदन मिलाकर गाय के उपले में जलाया जाता है। इसके पूरी तरह भस्म हो जाने पर इसे छानकर अलग किया जाता है। उसके बाद इसमें गाय का कच्चा दूध और चंदन मिलाकर इसके लड्डू बनाए जाते हैं। इसके बाद इसको फिर से जलाते हैं।