मृतक परिवार
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि सुबह जब पड़ोस गांव में रहने वाला व्यक्ति वैद्य को बुलाने पहुंचा, तो दरवाजा भीतर से बंद नहीं था। यही वजह थी कि धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। दरवाजे पर किसी तरह के जबरदस्ती के निशान नहीं मिले। दरवाजे की कुंडियां भी पूरी तरह सुरक्षित थीं। घर के भीतर से ही सीढ़ी बनी थी, जिससे होकर छत पर जाया जा सकता था। छानबीन के दौरान घर के पीछे की ओर दीवार पर ईंट के बयाले भी बने मिले। माना जा रहा है कि इन्हीं बयालों से होकर हत्यारे छत पर पहुंचे और फिर दबे पांव सीढ़ी से होकर घर में दाखिल हो गए। हत्या के बाद वह मुख्य दरवाजे से होकर भागे और यही वजह थी कि सुबह दरवाजा भीतर से बंद नहीं मिला।