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मौनी अमावस्या आज: संगम पर उमड़ा आस्था का जन सैलाब, एक करोड़ लगाएंगे डुबकी

Fri, 24 Jan 2020 12:48 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
मौनी अमावस्या पर डुबकी लगाने के लिए बृहस्पतिवार की देर रात तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच गए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए छह सेक्टर में बसे मेला क्षेत्र के पांच पांटून पुलों पर यातायात वन-वे करते हुए वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मेला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम पर डुबकी लगाने का अनुमान है।

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
बृहस्पतिवार की भोर से ही संगम जाने वाले मार्गों पर आस्थावानों का हुजूम उमड़ने लगा। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से लेकर संगम जाने वाली हर सड़क पर लोगों का तांता लगा रहा। सिर पर गठरी, हांथ में झोला लिए लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर बढ़ते रहे। शाम छह बजे तक काली सड़क हो या लाल सड़क या फिर हरिहर गंगा आरती के रैंप या फिर संतों के शिविर, हर तरफ मौनी स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आई। परेड में लगे टेंट-तंबुओं में बड़ी संख्या में भक्तों ने दिन में ही डेरा डाल दिया।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
सड़कों की पटरियों से लेकर रेती तक जिसे जहां जगह मिली, उसने वहीं चूल्हे जला लिए। दूर-दराज के इलाकों से आए बड़ी तादाद में श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान के बाद रवानगी भी करते रहे, लेकिन देर शाम के बाद मौनी अमावस्या स्नान के लिए आस्थावानों की भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। 2500 बीघा क्षेत्रफल नागवासुकि से अरैल के बीच बसे मेले में आठ किमी लंबे संगम के 20घाटों पर स्नान की तैयारियां मेला प्रशासन की ओर से की गई हैं। भीड़ को देखते हुए हर सेक्टर में इस बार स्नान घाट बनाए गए हैं। इससे पहले एडीजी प्रेम प्रकाश व मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों की समीक्षा की। साथ लोगों से रूट डायवर्जन की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
-01 करोड़ श्रद्धालुओं के त्रिवेणी तट पर पहुंचने का अनुमान
-20 घाटों पर लगेगी मौन डुबकी
-08 किमी लंबे संगम पर किए गए स्नान पर्व के इंतजाम 
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
मौनी अमावस्या पर अक्षयवट-सरस्वती कूप में दर्शन स्थगित

मौनी अमावस्या स्नान पर्व को देखते हुए बृहस्पतिवार की शाम मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप में श्रद्धालुओं का प्रवेश स्थगित कर दिया गया। भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को इन दोनों तीर्थों में भक्त प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मौनी से पहले ही लगाई डुबकी

प्रयागराज। माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी तो शुक्रवार को लगेगी लेकिन, इससे पहले ही संगम आस्थावानों की भीड़ से खचाखच भर गया है। बृहस्पतिवार को हर तरफ से संगम की ओर से बढ़े। मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या पर मेला प्रशासन ने शाम तक संगम में 95 लाख से अधिक भक्तों से डुबकी लगाने का दावा किया।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
मौनी अमावस्या से पहले बृहस्पतिवार की भोर से ही संगम पर त्रिवेणी दर्शन और स्नान कर लोग पुण्य बटोरने लगे। सभी सेक्टरों के मार्गों पर लोग आगे बढ़ने की होड़ में जुट गए। जगह-जगह शिविरों में संतों-भक्तों का तांता लग गया। संगम नोज पर तो तिल रखने की भी जगह नहीं थी। जगदीश रैंप के पास महामंडलेश्वर प्रेम दास महाराज के बालाजी आश्रम शिविर में अन्नक्षेत्र में प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं को जिसे जहां जगह मिली, वहीं डेरा डा दिया।
यहां शिविर के भीतर से लेकर सड़क की पटरियों तक आस्थावानों की कतारें देर रात तक लगी रहीं। इसी तरह त्रिवेणी मार्ग पर मेला प्रशासन कार्यालय से पहले ऊं नम: शिवाय के अलावा मोरी मार्ग, दंडी स्वामी नगर व त्रिवेणी मार्ग पर बाबा रामकेवल दास, शारदानंद महाराज के शिविरों में भी स्नानार्थी टिक गए हैं। मेला प्रशासन ने शाम छह बजे तक 95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान की पुष्टि की। साथ ही सभी सेक्टरों के आलावा पांटून पुलों, मार्गों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। स्नान पर्व पर भीड़ को देखते हुए शाम को आईजी जोन केपी सिंह ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और श्रद्धालुओं को हर तरह की मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
अमावस्या पर नाविकों को नाव चलाने की मिले अनुमति

प्रयागराज। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम क्षेत्र में नाव संचालन की अनुमति न मिलने से नाविक निराश है। नाराज नाविकों का एक दल इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेता पीयूष रंजन निषाद से मिला। मुलाकात के दौरान नाविकों ने कहा कि पिछले वर्ष कुंभ के दौरान जब नाव संचालन के दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई तो इस वर्ष पाबंदी क्यों लगाई गई। नाविकों से हुई मुलाकात के बाद पीयूष रंजन ने कहा कि माघ मेले के दौरान ही नाविकों को कमाई होती है। ऐसे में इस दौरान नावों का संचालन रोकने का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने जिला  प्रशासन से कहा कि अमावस्या के अवसर पर भी नाव संचालन की अनुमति नाविकों को दी जाए। इससे श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी। उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलने से निजात मिलेगी। मेला प्रशासन द्वारा नाव संचालन रोक दिए जाने से सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
अमावस्या पर रेलवे की ये है तैयारी
0 जंक्शन पर यात्रियों को चार आश्रय स्थलों से दिया जाएगा प्रवेश।
0 हर आश्रय स्थल का अलग है रंग। हर रूट का हैं अलग रंग।
0 एक हजार आरपीएफ और 800 जीआरपी के जवान किए हैं तैनात
0 जंक्शन पर छह बेड की इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा कराई है उपलब्ध
0 सभी प्लेटफार्म पर मेडिकल बूथ, नैनी, छिवकी, प्रयाग में भी है व्यवस्था
0 239 सीसीटीवी कैमरे से जंक्शन के कंट्रोल रूम में सभी स्टेशनों की सीधी फुटेज

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
दिन भर में कई बार सिविल लाइंस आने वाली बसों का रोका गया आवागमन

प्रयागराज। मौनी अमावस्या के एक दिन पूर्व ट्रैफिक पुलिस द्वारा जगह-जगह बैरीकेडिंग लगा दिए जाने एवं सिविल लाइंस बस स्टेशन आने वाली बसों को रोक लिए जाने की वजह से बृहस्पतिवार को यात्रियों को परेशानी हुई। गोरखपुर-वाराणसी रूट की बसें दिन में कई बार अंदावा में रोकी गईं। बसों को रोक दिए जाने की वजह से मजबूरी में यात्रियों को वहां से शहर तक आने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच रोडवेज ने जीरोरोड बस स्टेशन को भी बंद कर दिया। हालांकि एक-दो बसें यहां थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद जरूर आती दिखाई दीं। 

दिन भर में बसों को कई बार अंदावा में रोक दिए जाने की वजह से वाराणसी, जौनपुर, गोरखपुर रूट से आने वाले यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हालांकि सिविल लाइंस बस स्टेशन से इस रूट की बसें दिन में तीन बजे तक जरूर मिली, लेकिन इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने एनाउंसमेंट करवाकर यात्रियों को अंदावा जाने को कहा। कानपुर और लखनऊ रूट के लिए भी क्रमश: जीजीआईसी और एमएनएनआईटी के पास अस्थायी बस स्टेशन की व्यवस्था रोडवेज ने की है। हालांकि इन दोनों ही रूट की बसें सिविल लाइंस तक आई। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया कि अमावस्या के दिन सिविल लाइंस बस स्टेशन से बसों का संचालन नहीं होगा। विशेष परिस्थितियों में ही यहां बसों का आवागमन होगा। उन्होंने बताया कि अमावस्या पर्व पर 2800 बसों का आवागमन होगा। 200 बसे रिजर्व भी रखी गई हैं।

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
 माघ मेला में स्वास्थ्य विभाग ने  लगाए 300 अतिरिक्त कर्मचारी

प्रयागराज। माघ मेला के मौनी अमावस्या पर्व पर स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों समेत 300 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए हैं। सभी एसीएमओ के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को भी मेला ड्यूटी में लगाया गया है। व्यवस्था ऐसी की गई है कि ड्यूटी रोस्टर के अतिरिक्त डॉक्टरों की उपलब्धता रहे।
सीएमओ आफिस में तैनात लिपिकों समेत अन्य स्टाफ को बुधवार से शुक्रवार तक मेला में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। 20-20 बिस्तरों वाले दो बड़े अस्पतालों के साथ सेक्टरों में स्थापित एक-एक बिस्तर वाले मेला अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ और दवाओं की उपलब्धता रहेगी। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने मेला के इस मुख्य स्नान पर्व के लिए 80 एंबुलेंस को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया है। मेला क्षेत्र में सभी एसीएमओ को पर्यवेक्षण के लिए लगाया गया है। शुक्रवार को मेला क्षेत्र के केंद्रीय अस्पतालों में विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी।

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प्रमुख स्थानों पर दस मेडिकल केयर यूनिट
मौनी अमावस्या पर दस मेडिकल केयर यूनिट के चिकित्सक मरीजों का मौके पर इलाज कर दवाएं देंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों के साथ मेला के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर इन टीमों की तैनाती की गई है। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजने की भी व्यवस्था रहेगी। संगम सहित अन्य घाटों के आसपास मोबाइल मेडिकल यूनिट भी रहेगी।

एसआरएन, बेली, कॉल्विन में विशेष वार्ड बनाए गए
जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने बेली और कॉल्विन अस्पतालों में दस-दस बेड के विशेष मेला वार्ड स्थापित कराए हैं। वहीं एसआरएन में प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने ट्रामा सेंटर में 20 बेड आरक्षित करा दिए हैं। मेला अवधि में इन अस्पतालों में डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई है। 

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
नागवासुकी पर स्थापित हुई नई चौकी 

प्रयागराज। मौनी अमावस्या पर्व के मद्देनजर पिछले दिनों बनाए गए दो नए घाटों की सुरक्षा के लिए एक नई चौकी भी स्थापित की गई है। नागवासुकी घाट पर स्थापित इस चौकी पर 15 सिपाहियों के साथ ही तीन दरोगाओं की तैनाती कर दी गई है। प्रभारी एसपी मेला आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए ही नागवासुकी घाट पर नई चौकी की स्थापना की गई है। 

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एडीजी पहुंचे, दिए दिशा निर्देश

उधर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एडीजी प्रेमप्रकाश भी पर्व से एक दिन पहले मेला क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने मेला पुलिस के साथ ही जिला पुलिस के अफसरों से पर्व के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी ली और खुद व्यवस्था का मुआयना भी किया। उनके साथ ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के साथ ही अन्य अफसर भी मौजूद रहे। उधर प्रभारी एसपी मेला आशुतोष मिश्र लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर मातहतों को दिशा-निर्देश देते रहे। अरैल जोन में प्रभारी एएसपी मोनिका चड्ढा ने भी शाम को वीवीआईपी व अन्य स्नान घाटों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही देर रात तक क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा में लगे जवानों को दिशा-निर्देश देती रहीं। 
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magh mela prayagraj
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