संगम में स्नान के बाद गौ माता की पूजा करतीं महिलाएं।
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सत्यनारायण की सुनी कथा, भंडारा कर बांटा प्रसाद
कल्पवासियों ने स्नान के बाद शिविरों में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और भंडारा कर प्रसाद बांटा। वहीं, कई शिविरों में रामचरित मानस का पाठ भी हुआ। कल्पवासियों ने शिविर में बचा सामान तीर्थ पुरोहितों को दान कर अपने-अपने साधनों से घर के लिए प्रस्थान किया। मेले से कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त भी किए गए हैं। माघ मेला 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा, लेकिन शिविर खाली होने लगे हैं। वहीं, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, एडीशनल सीपी अजय पाल शर्मा, एसपी मेला नीरज पांडेय समेत अन्य अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।