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Maghi Purnima : माघी पूर्णिमा पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, लौटने लगे कल्पवासी

Sun, 01 Feb 2026 06:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर रविवार को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। घने कोहरे और ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही रवि पुष्य योग में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पूजन-अर्चन किया।
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माघी पूर्णिमा स्नान के बाद लौटते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर रविवार को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। घने कोहरे और ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही रवि पुष्य योग में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पूजन-अर्चन किया। स्नान और दीपदान का क्रम देर शाम तक जारी रहा।

इसी के साथ एक माह के कल्पवास के बाद कल्पवासियों की घर वापसी होने लगी। प्रशासन का दावा है कि माघी पूर्णिमा पर शाम छह बजे तक दो करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं, मेले की कुल अवधि में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा भी मेला अधिकारी कर रहे हैं।

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माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने के लिए जुटे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा को लेकर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। मेला क्षेत्र में संगम, दारागंज, अरैल, नैनी, फाफामऊ समेत 24 घाट बनाए गए। मेला 800 हेक्टेयर में सात सेक्टर में बसाया गया है। माघ मेले में पहली बार नौ पांटून पुल बनाए गए हैं।

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माघी पूर्णिमा पर संगम नोज पर तैनात पैरामिलिट्री फोर्स। - फोटो : अमर उजाला।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के मुताबिक कल्पवासियों के शिविरों में शनिवार रात से ही उनके परिवार के लोग पहुंचने लगे थे। भोर से ही लोगों ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी।

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माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

बताया कि सुबह शहर में तो मौसम साफ था, लेकिन मेला क्षेत्र में कोहरा घना था। सुबह छह बजे के बाद अचानक कोहरा और घना हो गया। सर्द हवाओं के बीच लोगों ने स्नान किया। सुबह करीब दस बजे से कोहरा छंटने लगा और 12 बजे तक धूप खिल गई। लोगों ने स्नान कर तिल-गुड़, खिचड़ी और वस्त्र के साथ गोदान भी किया। स्नान का क्रम रात तक जारी रहा। श्रद्धालुओं के अलावा साधु-संतों ने भी शिष्यों के साथ स्नान किया।

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संगम में स्नान के बाद गौ माता की पूजा करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

सत्यनारायण की सुनी कथा, भंडारा कर बांटा प्रसाद

कल्पवासियों ने स्नान के बाद शिविरों में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और भंडारा कर प्रसाद बांटा। वहीं, कई शिविरों में रामचरित मानस का पाठ भी हुआ। कल्पवासियों ने शिविर में बचा सामान तीर्थ पुरोहितों को दान कर अपने-अपने साधनों से घर के लिए प्रस्थान किया। मेले से कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त भी किए गए हैं। माघ मेला 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा, लेकिन शिविर खाली होने लगे हैं। वहीं, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, एडीशनल सीपी अजय पाल शर्मा, एसपी मेला नीरज पांडेय समेत अन्य अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।

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