प्रतापगढ़ के मदाफरपुर बाजार में आशिक ने नवविवाहिता को गोली मार खुद को भी उड़ा लिया। चार दिन पहले ही युवती की शादी हुई थी। शादी के बाद युवती मायके आई थी। इसी दौरान युवक ने घटना को अंजाम दे दिया।
प्रतापगढ़ के कोहड़ौर के मदाफरपुर बाजार में मंगलवार भोर में सिरफिरे आशिक ने नवविवाहिता को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा दिया। दोनों की मौत हो गई। चार दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी। सोमवार को ही ससुराल से मायके आई थी।
कोहड़ौर के चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा परिवार के साथ मदाफरपुर बाजार में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी ज्योति वर्मा (22) की शादी 15 नवंबर 2024 को अमेठी के पीपरपुर थाना इलाके के रेवणा निवासी जितेंद्र प्रताप पटेल के साथ हुई थी।
मंगलवार भोर में करीब साढ़े पांच बजे ज्योति शौच के लिए घर के पीछे मोबाइल टावर की ओर निकली। कुछ देर बाद फायर की आवाज सुन पुलिसकर्मी बाजार के लोगों के साथ टावर की ओर पहुंचे। देखा तो ज्योति खून से लथपथ पड़ी थी। सिर, कमर व हाथ में गहरे घाव के निशान थे। करीब ही मोबाइल मिला। खबर मिलने पर परिजन भी पहुंच गए।
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मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
आनन-फानन उसे उपचार के लिए सीएचसी कोहड़ौर फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां से प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही ज्योति ने दम तोड़ दिया। इधर, छानबीन के दौरान पुलिस को करीब 200 मीटर दूर नहर के पास खेत में एक युवक का शव मिला। उसकी पहचान उदयराज वर्मा (23) के रूप में हुई।
दोनों के बीच कई वर्षों से नजदीकी रिश्ते थे। युवती की हत्या के बाद आरोपी ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की छानबीन की जा रही है।- डॉ. अनिल कुमार, एसपी
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मदाफरपुर में लड़की के किराये के घर के सामने जुटी भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद
उदयराज ने शादी के लिए बनाया था दबाव
शादी के लिए उदयराज काफी समय से ज्योति पर दबाव बना रहा था। धमकाया था कि वह उससे शादी नहीं करेगी तो दूसरे की भी नहीं होने देगा। इस अंधेपन का दुष्परिणाम रहा कि ज्योति को मारा और खुदकुशी भी की। चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा की पत्नी गीता ने मायके सिंगठी खालसा में ही ज्योति को जन्म दिया था। नाना हरिशंकर वर्मा और मामा मनीष संग परिवार के लोगों ने बचपन से उसकी परवरिश की थी।
कक्षा आठ तक की शिक्षा गांव के करीब स्थित प्राइवेट स्कूल में ग्रहण की। उसके साथ ही उदयराज भी पढ़ता था। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी, जो समय के साथ प्यार में बदल गई।
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दूल्हे के साथ दुल्हन
- फोटो : अमर उजाला
ज्योति ने मदाफरपुर में इंटर तक की पढ़ाई की थी। लेकिन नाना के घर उसका आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों का मिलना-जुलना होता रहा। इसकी जानकारी उनके परिवार के लोगों को भी थी। सूत्रों के अनुसार, उदयराज शादी के पहले ही घटना को अंजाम देने की फिराक में था। लेकिन पप्पू वर्मा जिस राजीव उपाध्याय के मकान में रहते हैं, उसी मकान में एक सिपाही भी रहते हैं। पकड़े जाने का डर था।
उदयराज ने 11वीं तक पढ़ाई करने के बाद छोड़ दिया था। मौजूदा समय में वह वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग सीख रहा था। पिता श्रीराम वर्मा मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई अभयराज ट्रक चलाता है। बहन सुधा की शादी अतरसंड में हुई है।
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lover killed bride
- फोटो : अमर उजाला
दोनों परिवारों के बीच रहती थी तनातनी
शादी के लिए उदयराज काफी समय से ज्योति पर दबाव बना रहा था। जिसे लेकर दोनों परिवारों के बीच तनातनी भी रहती थी। उदयराज की मां श्रीमती देवी के अनुसार, दोनों के बीच सात साल से नजदीकी थी। वे एक-दूसरे से बात करते थे। सोमवार को करीब 12 बजे वह घर से निकला था लेकिन लौटकर नहीं आया।
ग्रामीणों के अनुसार, ज्योति की शादी होने की जानकारी पर भी उदयराज ने परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया। ज्योति को धमकाया भी, जिसकी भनक दोनों परिवारों को भी हुई। लेकिन बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
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आरोपी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सदिया कर देतेन तौ आज इ दिन न देखित
का भैया इ सब कैसेन होइ गवा। हमार लाल तौ चला गवा। यह कहते हुए मृतक उदयराज की मां श्रीमती देवी की आंखों से आंसू बहने लगते। आगे बोली कि लड़कियां कय मामा मनीष धमकी देत रहेन कि उदयराज का सुधार लिया। नाही तो अंजाम ठीक न होइ। मान गवा होतेन सदिया कर देतेन ती आज इ दिन न देखित।
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दुल्हन का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
लोगों के सहयोग से बेटी के हाथ किए थे पीले
चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा ट्रक चलाकर परिवार का गुजर बसर करता थे। करीब दस साल पहले दुर्घटना में घायल होने के बाद मनोरोगी हो गए। पत्नी गीता बाजार में मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करती हैं। बेटा दीपक भी घर के काम में हाथ बंटाता है। छोटी बहन घर पर ही रहती है। ज्योति की शादी में बाजार के लोगों ने पप्पू का सहयोग किया था।
करीब से मारी गोली, कपड़ों पर थे छीटें
पुलिस के अनुसार, उदयराज ने ज्योति को करीब से गोली मारी थी। गोली लगने के बाद ज्योति के सिर व खून के छींटें उदयराज के कपड़ों पर लगे थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई।