Kumbh 2019
बुधवार को पहली बार संगम के दायरे को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इसके लिए दशाश्वमेध घाट से लेकर अरैल में सोमेश्वर महादेव के बीच गंगा के तटों को भी संगम की मान्यता दे दी गई। कुंभ मेला प्रशासन की मौजूदगी में धर्माचार्यों ने पुराणों के आधार पर संगम तट की व्याख्या की और अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए । स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि के समक्ष संगम तट के विस्तार पर सहमति बनाई गई।