Peshwai Niranjani
पुरखों से चली आ रही परंपरा
निरंजनी अखाड़े में पहुंचे अजेश जंगम, सोनू जंगम, रमेश जंगम, संदीप जंगम, राजेश जंगम ने कहा कि दशनाम अखाड़ों का गौरव गान करना पुरखों की परंपरा से चला आ रहा है। हमारा मकसद संतों ही नहीं श्रद्धालुओं के बीच भी अखाड़ों के गौरव से परिचित कराना है। हम सिर्फ मेलों में ही आते हैं, बाकी दिनों में किसी धार्मिक स्नान पर भ्रमण करते हैं। हममें से कई साथी परिवार के साथ ही रहते और आजीविका के लिए खेती या दूसरे कार्य भी करते हैं।