मौनी अमावस्या के स्नान के बाद घर वापसी करने वाले श्रद्धालुओं का कारवां दूसरे दिन भी नहीं थमा। मंगलवार को भी सड़कें स्नानार्थियों की भीड़ से पटी रहीं। इसके चलते शहर की कई मुख्य सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल था।
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kumbh
उधर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने की वजह से ही सिविल लाइंस, जार्जटाउन, कर्नलगंज, शाहगंज में भीषण जाम भी लगा। अमावस्या पर श्रद्धालुओं के लौटने का सिलसिला सोमवार सुबह से ही शुरू हो गया था। हालत यह थी कि दोपहर होते-होते वापसी करने वालों की भीड़ से लगभग शहर की हर सड़कें पट चुकी थीं।
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Naga Sadhu
उम्मीद थी कि रात तक स्थिति में काफी हद तक सुधार होगा और मंगलवार तक तक यातायात सुचारु हो जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मंगलवार को भी सड़कें श्रद्धालुओं से पटी रहीं और कई मुख्य सड़कों पर तो पैदल चलना भी दूभर हो गया।
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kumbh photo 2019
सिविल लाइंस, कर्नलगंज, दारागंज, जार्जटाउन, शाहगंज में सुबह से ही जाम लगा तो फिर देर रात तक स्थिति में सुधार नहीं हो सका। राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे। इसके चलते एक से दूसरे चौराहे तक पहुंचने में भी घंटों लग गए।
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Naga Sadhu
यूं तो कई सड़कों पर जाम लगा लेकिन सबसे स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर एमजी मार्ग और यूनिवर्सिटी रोड पर रही। रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले श्रद्धालु निकले तो बैरहना से लेकर पानी की टंकी ओवरब्रिज तक एमजी मार्ग पर पांव रखने की भी जगह नहीं रही। उधर नवाब यूसुफ रोड की ओर इंट्री बंद होने के चलते हालात और भी बदतर हो गए।
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Crowd After Mauni Snan
पुराने शहर की ओर जाने वाले स्थानीय लोगोें को भी इसी रास्ते से होकर जाना पड़ा। नतीजतन पूरा सिविल लाइंस सुबह से शाम तक भीषण जाम की चपेट में रहा। उधर थके होने के कारण भारत स्काउट पार्किंग स्थल की ओर न जाकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ट्रेन से जाने का निर्णय लिया।
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Naga sadhu
- फोटो : Social media
इसके चलते जीटी जवाहर से सोहबतियाबाग, बालसन, यूनिवर्सिटी रोड पर सुबह से ही जाम लगा जो देर रात तक बरकरार रहा। शाम को प्रयाग स्टेशन पर भीड़ का दबाव बहुत ज्यादा होने के कारण बालसन चौराहे से इंट्री ही रेाक दी गई। यहां से श्रद्धालुओं को जंक्शन की ओर डायवर्ट कर दिया गया। उधर शाहगंज, खुल्दाबाद में भी सुबह से शाम तक सड़कों पर श्रद्धालुओं का ही रेला नजर आया।
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mauni amavasya
दरअसल बहुत से श्रद्धालु ऐसे रहे जो ट्रैफिक प्रतिबंधों के चलते रात में सड़कों पर बैठ गए। कुछ देर आराम करने के बाद वह वहीं सो भी गए। रात भर शहर भर की सड़कों पर श्रद्धालु सोते नजर आए। सुबह होने पर इन्हीं श्रद्धालुओं ने वापसी की राह पकड़ी तो सड़कों पर फिर जाम जैसी स्थिति हो गई। यही वजह भी रही कि रात से ज्यादा भीड़ सड़कों पर सुबह देखी गई।
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mauni amavasya
मौनी अमावस्या का पर्व भले ही चार फरवरी को रहा हो, लेकिन शहर में ट्रैफिक डायवर्जन दो फरवरी की शाम से ही लागू कर दिया गया था। यही वजह थी कि सड़काें पर निकलने वाले शहरियों को दो फरवरी की रात से ही परेशानी झेलनी पड़ी।
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mauni amavasya crowed
इसके बाद दो दिनों तक छुट्टी की वजह से शहर के ज्यादातर लोग सड़कों पर नहीं निकले। तीन दिन बाद मंगलवार को शहरी निकले तो उनकी भी जमकर फजीहत हुई। सबसे ज्यादा परेशानी कर्मचारियों व अधिवक्ताओं को हुई।
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mauni amavasya
कुंभ 2019 के सबसे महत्वपूर्ण पर्व मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालुओं को सकुशल उनकेगंतव्य तक रवाना किया जा सका तो इसमें सबसे बड़ा रोल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर(आईट्रिपलसी) का रहा।
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Female Naga Sadhu
- फोटो : Social Media
यहां तैनात अफसरों-कर्मचारियों की जी-तोड़ मेहनत का ही नतीजा रहा कि इतने बड़ेआयोजन में किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई। वीडियो वाल पर मिलने वाली फीड पर नजर रखने केलिए अफसर 36 घंटे तक लगातार सेंटर में डटे रहे।
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female naga sadhu
- फोटो : Social Media
यहां तैनात अफसरों-कर्मचारियों की जी-तोड़ मेहनत का ही नतीजा रहा कि इतने बड़ेआयोजन में किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
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Kumbh 2019
मौनी अमावस्या केलिए कमांड सेंटर में अफसर तीन फरवरी की सुबह से ही डट गए थे। इसके बाद भीड़ केआने का सिलसिला हर बीतते पल केसाथ बढ़ता ही गया और यही वजह रही कि फिर लगातार 36 घंटों तक अफसर सेंटर छोड़ने की हालत में नहीं रहे।
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Kumbh 2019
मेला व शहर क्षेत्र में लगे कुल 1057 कैमरों केजरिए सेंटर में तैनात कर्मचारियों-अफसरों ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखी।
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kumbh
सेंटर में बने सर्विलांस रूप में लगे 20 टर्मिनल पर तीन शिफ्टों में कुल 60 कर्मचारियों ने नजर रखी तो यहां लगे पांच वीडियो वाल पर आने वाली लाइव फीड पर भी अफसरों की निगाहें जमी रहीं।
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female naga sadhu
- फोटो : Social Media
श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भले ही दो फरवरी से ही शुरू हुआ हो लेकिन इसमें तेजी सोमवार भोर में 2.30 बजे के करीब हुई। इसी दौरान चार बजे के करीब अचानक काली सड़क पर भीड़ का दबाव बहुत ज्यादा होने की जानकारी मिली। फीड देखने से पता चला कि वहां मूवमेंट लगभग ठप सा हो गया ।
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kumbh
ठीक ऐसा ही सुबह 10.15 व शाम छह बजे के करीब हुआ। जिसमें इमरजेंसी प्लान एक व छह का इस्तेमाल कर भीड़ नियंत्रण किया गया।
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Naga sadhu
- फोटो : Reuters
शाम के वक्त इलाहाबाद जंक्शन और प्रयाग जंक्शन पर एकाएक भीड़ कुछ ज्यादा ही बढ़ गई। जंक्शन पर आई भीड़ को तो नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन प्रयाग स्टेशन पर जगह कम होने की वजह लल्ला चुंगी के पास मौनी अमावस्या की तर्ज एक बार फिर से श्रद्धालुओं को रोक लिया गया। यहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
मौनी अमावस्या के दूसरे दिन भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम स्नान के बाद वापसी की राह पकड़ी। दिन भर श्रद्धालुओं का काफिला जंक्शन, प्रयाग और सिविल लाइंस बस स्टेशन की ओर जाता रहा। फैजाबाद रूट के यात्रियों की भीड़ प्रयाग स्टेशन पर बढ़ी तो वहां आनन फानन में लल्ला चुंगी के पास बैरीकेडिंग कर श्रद्धालुओं को रोक लिया गया।