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कुंभ में छिड़ी है धर्म और राजसत्ता पाने की जंग, 2019 में केंद्र, 2024 में अखाड़ा परिषद का मुखिया कौन

Mon, 11 Feb 2019 03:28 PM IST
Prabudhh Jain पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज
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Kumbh 2019
कुंभ क्षेत्र स्नान, दान, पुण्य और आस्था के साथ राज सत्ता और धर्म सत्ता पाने का केंद्र भी बना हुआ है। एक तरफ विश्व हिंदू परिषद के शिविर से भाजपा को फिर से केंद्र में लाने को लेकर तरह-तरह की रणनीति अपनाई जा रही है तो दूसरी तरफ अखाड़ों में अपना बर्चस्व दिखाने के लिए भी आपस में खींचतान जारी है। मजे की बात यह है कि अखाड़ा परिषद में अपनी भागेदारी के लिए अब किन्नर अखाड़े से भी आवाज आने लगी है।

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kinnar akhara
2013 के महाकुंभ से लेकर 2018 के कुंभ के इन पांच वर्षों में किन्नर अखाड़े ने जिस तरह से अपना वर्चस्व साबित किया है, उससे साफ है कि अगले महाकुंभ 2024 तक अखाड़ा परिषद में किन्नर अखाड़ा किसी मजबूत स्थिति में होगा। इस रणनीति पर काम इसी कुंभ से शुरू हो गया है। चर्चा इस बात की है कि प्रबंधन और अपनी आक्रामक कार्यशैली के लिए मशहूर किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी अखाड़ा परिषद में महत्वपूर्ण पद के लिए अखाड़ों और प्रमुख संतों को जोडऩे की मुहिम में जुट गए हैं।

 
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Kumbh 2019
यह भी पता चला है कि अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि से कई बार की मुलाकात में लक्ष्मीनारायण ने अखाड़ा परिषद में आने की अपनी इच्छा भी जाहिर कर दी हैं। उन्हें जिस तरह संतों और महामंडलेश्वरों को समर्थन मिल रहा है,उससे साफ है कि लक्ष्मीनारायण अपनी रणनीति में सफल भी हो सकते हैं।

 

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- फोटो : PTI
इधर लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर भाजपा फिर से सत्ता में आने के लिए कुंभ को अपना वोट बैंक मानकर चल रही है। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भाजपा की जमीन तैयार करने में जुटा हैं। इसके लिए कुंभ क्षेत्र में स्थापित विहिप के शिविर में आरंभ ही राजनीतिक-धार्मिक, सामाजिक गतिविधियां चल रही हैं। 13 को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां आने की तैयारी चल रही है।

 
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Rahul Gandhi- Priyanka gandhi Vadra
इससे पहले योगी सरकार की कैबिनेट कुंभ क्षेत्र में बैठ चुकी है। इसी तरह कांग्रेस भी कुंभ क्षेत्र में अपने संगठन सेवादल के माध्यम से सक्रिय है। 18 फरवरी को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के यहां आने की चर्चा है। इसके तुरंत बाद प्रयागराज में अखिलेश और मायावती की साझा संगठन वाली रैली की तैयारी की चर्चा भी कुंभ क्षेत्र में चल रही है।
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