foreigner Saints
सोमवार को पायलट बाबा के शिविर में आदिमाता ध्यान-साधना में लीन थीं। काफी आग्रह के बाद वह अमर उजाला से मुखातिब हुईं। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में व्यक्तियों, विचारों, संस्कृतियों और स्वरूपों का ऐसा संगम उन्होंने कहीं नहीं देखा था। यह त्न-मन को शुद्ध करने का सुनहरा अवसर है। वह हृदय को क्लीन करने का संदेश देती हैं। आदि माता ने बताया कि वह चार बजे भोर से ही स्नान-पूजा के बाद गुरु की प्रेरणा से आसन, प्राणायाम, ध्यान, योग में जुट जाती हैं।