peshwai
इस अवसर पर प्रयागराज में स्नान-दानादि की महिमा अनन्त गुणा बढ़ जाती है, जो संगम के अक्षय क्षेत्र में अद्भुत संयोगों में स्नान, ध्यान, जप, तप, दान करता है, वह साक्षात् बृहस्पति और सूर्य के समान तेजस्वी होता है। मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी सोमवती अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर ग्रह-नक्षत्रों की अद्भुत जुगलबन्दी प्रयागराज में संगम तट पर स्नान-दान करने वालों को मनोवांछित फल एवं अक्षय पुण्य प्रदान करेगी।