Niranjani Akhara Naga
संगम स्नान, भस्म स्नान, गोमूूत्र, गाय के गोबर, पंचगव्य, पंचामृत स्नान, संगम स्नान के बाद उन्हें लंगोटी दी गई। उनके शरीर पर लगाने के लिए बाबा विश्वनाथ मंदिर की भभूत और दंड बनाने के लिए पलाश सहित अन्य पूजा सामग्री काशी, हरिद्वार से लाई गई।