विलाप करता पीड़ित
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चार घायलों की हालत गंभीर, वेंटिलेटर सपोर्ट पर
स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में कौशाम्बी से पहुंचे घायलों का बिना समय गंवाए उपचार शुरू किया गया। कुल पांच घायल अस्पताल पहुंचे। इनमें से सविता, उर्वशी, राजेश कुमार और अनीता की हालत गंभीर बनी हुई है। चारों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं, घायल माला देवी खतरे से बाहर हैं।
घायलों की सूचना मिलने के साथ ही मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा, एसआरएन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह व डॉ. अमित सिंह टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम पहुंच गए। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने इलाज व्यवस्था की कमान संभाली और घायलों का परीक्षण किया।
गंभीर घायलों के लिए ट्रामा, सर्जरी और क्रिटिकल केयर से जुड़ी टीमों को सक्रिय किया गया। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ अनिल सिंह व ट्रामा सेंटर प्रभारी राजकुमार चौधरी भी मौजूद रहे। सर्जरी विभागाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव और सूर्यभान कुशवाहा सहित अन्य चिकित्सकों ने उपचार किया। पैरामेडिकल स्टाफ ने भी मरीजों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया।
आठ घायलों को अस्पताल लाया गया। इनमें से तीन की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। चार की हालत गंभीर बनी हुई है। जिनका उपचार चल रहा है। एक घायल खतरे से बाहर हैं। - डॉ. एके वर्मा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज