रोने से यार सजा थोड़े ही कम हो जाएगी, रोकर हम सब को कमजोर मत करो। ये संघर्ष का समय है। अभी बजरंगबली की इच्छा नहीं थी कि हम बाहर आएं, इसलिए सजा हो गई है। कोई बात नहीं, हम मजबूत लोग हैं, आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे। ये बात सोमवार शाम को करीब पांच बजे केंद्रीय कारागार, नैनी के मुख्य गेट पर पूर्व बीजेपी विधायक उदयभान करवरिया ने समर्थकों से कही।
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बसपा के पूर्व सांसद कपिल मुनि
- फोटो : अमर उजाला
वे अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद लौटे थे। जेल गेट पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था एवं समर्थकों के बीच 108 एंबुलेंस से जेल पहुंचे करवरिया बंधुओं के चेहरे पर शिकन के बजाय मुस्कान दिख रही थी। इस दौरान सिर्फ उदयभान करवरिया ने ही बात की, जबकि उनके बड़े भाई कपिल मुनि करवरिया और छोटे भाई सूरजभान करवरिया के साथ रामचंद्र त्रिपाठी चुप रहे।
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कोर्ट से बाहर निकलते पूर्व विधायक उदयभान
- फोटो : अमर उजाला
जो लोग उनसे मिल रहे थे। बस उन्हीं से हालचाल लेकर वह तीनों लोग अंदर चले गए। जेल के अंदर जाने के साथ उदयभान को घर गृहस्थी की भी चिंता सता रही थी। अंदर जाते समय कुछ समर्थक भावुक होकर रोने लगे तो उन्होंने उन लोगों को ढांढस बंधाया और फिर अपने एक करीबी को बुलाकर कहा कि घर में लग रही स्टील वाली रेलिंग का कार्य पूरा करा लेना, बाकी आगे देखा जाएगा।
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,jawahar yadav murder case
- फोटो : अमर उजाला
वादी के वकील ने मांगी करवरिया बंधुओं के लिए फांसी
वादी विजमा यादव के वकील ने सजा पर फैसला सुनाए जाने से पूर्व सजा के बिंदु पर बहस केदौरान करवरिया बंधुओं को फांसी की सजा देने की मांग की। अधिवक्ता लल्लन यादव ने दलील दी कि यह एक विरल से विरलतम मामला है। इस घटना में एके 47 जैसे स्वचलित असलहे का प्रयोग हुआ। भरे बाजार में घटना को अंजाम दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए। मरने वालों में एक राहगीर भी शामिल है। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। लोग भयभीत हुए और बाजार बंद हो गए थे।
कोर्ट से बाहर निकलते सूरजभान करवरिया
- फोटो : अमर उजाला
बचाव पक्ष ने इस बात का विरोध किया यह विरल से विरलतम मामला नहीं है। अभियुक्तगणों का यह पहला अपराध है। बचाव पक्ष ने कहा कि अभियुक्तों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। किसके हाथ में कौन सा असलहा था इसका जिक्र प्राथमिकी में नहीं है। यह बात अदालत में 20 साल बाद पहली बार बताई गई। इसलिए उदारता बरतते हुए कम से कम सजा दी जाए। हालांकि करवरिया बंधुओं ने अपनी ओर से सजा के प्रश्न पर कुछ नहीं कहा।