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होलागढ़ हत्याकांडः सोरांव के युसुफपुर में इसी तरह पांच लोगों की हुई थी हत्या, आज तक नहीं हुआ खुलासा

Sat, 04 Jul 2020 07:06 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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घर में विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
होलागढ़ के बरई हरखपुर गांव में जिस तरह शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतारा गया, वह सोरंाव के यूसुफपुर में हुए हत्याकांड से बहुत मेल खाता है। दोनों हत्याकांडों में काफी समानताएं हैं और इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि दोनों हत्याकांड में एक ही गिरोह शामिल है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस बिंदु को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। 
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विलाप करते परिजन और ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
सोरांव के यूसुफपुर में सात महीने पहले एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस अब तक इस मामले का ख्ुालासा नहीं कर सकी है। शुक्रवार को होलागढ़ में एक परिवार के चार लोगों की हत्या की वारदात ने यूसुफपुर हत्याकांड की यादें भी लोगों के जेहन में ताजा कर दीं। एक खास बात यह कि दोनों हत्याकांडों में कई समानताएं भी हैं।
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जांच करने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मसलन दोनों हत्याकांडों में हत्यारों ने धारदार हथियार का इस्तेमाल किया। दोनों ही घर गांव के बाहर की ओर और मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित हैं। दोनों ही वारदातों में मृतक महिलाओं के कपड़े अस्त व्यस्त मिले। इसके अलावा दोनों ही वारदातों में हत्यारे छत के रास्ते से घर के भीतर दाखिल हुए। दोनोें ही हत्याकांडों में कोई ठोस रंजिश सामने नहीं आई।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj
यूसुफपुर हत्याकांड में पट्टीदारों को नामजद कराया गया था लेकिन सबूत न मिलने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। एक समानता यह भी है कि घटना को लूट के लिए हत्या का रूप देने की भी कोशिश की गई। लेकिन दोनों ही परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि घर को लूट के लिए निशाना बनाया जाए। ऐसे में यह भी आशंका है कि दोनों वारदातों में कहीं एक ही गिरोह शामिल न हो। पुलिस अफसरों का कहना है कि बेहद गंभीरता से इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

पांच टीमें लगाई र्गईं: एसएसपी

एसएसपी अभिषेक दीक्षित का कहना है कि पता चला है कि पूर्व में भी इसी तरीके से हत्याकांडों को अंजाम दिया गया। ऐसे में उन मामलों की पड़ताल के दौरान सामने आए तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है। होलागढ़ हत्याकांड के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं जिनमें से एक टीम को सीमावर्ती जिलों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पूर्व में हुए सामूहिक हत्याकांडों में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए अपराधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि वह वर्तमान में कहां हैं ओर उनकी गतिविधियां क्या हैं। सभी थानों को रात में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद पुलिसकर्मी सचेत नहीं हो रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

स्थानीय नशेड़ियों की भी शुरू हुई धरपकड़

गंगापार में पूर्व में भी कई सामूहिक हत्याओं के मामले सामने आए हैं जिनमें स्थानीय नशेड़ियों की भी संलिप्तिता सामने आई है। ऐसे में पुलिस की नजर उन पर भी है। होलागढ़ में चार हत्याओं के बाद पुलिस ने इर्द गिर्द के कई नशेड़ी युवकों को हिरासत में भी लिया है। उनसे यह भी पता लगाया जा रहा है कि उनका कोई साथी गायब तो नहीं। बता दें कि पड़िला में हुई दंपति की हत्या नशेड़ियों के गिरोह ने ही अंजाम दी थी। जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। इसके अलावा सोरांव क्षेत्र में भी तिहरे हत्याकांड में भी नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात करने की बात सामने आई थी। 
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