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शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को दिया नीति बनाने का निर्देेश

Tue, 14 Jul 2020 08:07 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना संक्रमण से बचाव में  महत्वपूर्ण शारीरिक दूरी(फिजिकल डिस्टेंसिंग) का पालन न करने पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि लोगों ने अनलॉक टू का गलत अर्थ निकाला है।  कोर्ट ने कहा कि तमाम उपायों के बावजूद आम जनता संक्रमण को लेकर जागरूक नहीं है और लोग शारीरिक दूरी का पालन करने , मास्क लगाने तथा हाथ धोने जैसे उपायों को गंभीरता से  नहीं ले रहे है ।

कोर्ट  इस मामले में राज्य सरकार को व्यापक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने  कहा कि सरकार यदि जरूरी समझे तो इन उपायों के पालन हेतु कड़े प्रावधान लागू करें । भारी जुर्माना लगाने का भी सुझाव कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने कोरोना का इलाज करने की प्राइवेट अस्पतालों को मंजूरी और होम क्वारंटीन की व्यवस्था लागू करने पर सरकार से जानकारी मांगी है। 
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हाईकोर्ट - फोटो : file photo
कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों की निगरानी कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर सरकार एक प्लान प्रस्तुत करें कि किस तरह से वह फिजिकल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों को लागू करेंगे । अदालत का कहना था कि कोविड-19 रेगुलेशन 2020 और आईपीसी तथा सीआरपीसी के प्रावधानों को क्यों नहीं लागू किया जा रहा है यह उनकी समझ से परे है।  

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को बताया कि बहुत जल्द एक उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी जिसमें संक्रमण से बचने के प्रावधानों पर विचार किया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कानून बनाया जाए। अदालत का कहना था कि अनलॉक टू के बारे में शायद लोग समझ रहे हैं उनको कहीं भी आने जाने और मिलने जुलने की खुली छूट मिल गई है। जबकि संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में ज्यादा सावधानी की जरूरत है। 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

बढ़ाई जाएगी टेस्टिंग की क्षमता

सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया कि आरटी पीसीआर मशीन से मौजूदा समय में करीब 1100 टेस्ट किए जा रहे हैं इसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत जल्द आरएनए ट्रैकर मशीन लाई जा रही है जिससे कि टेस्ट की क्षमता 400 से 500 तक बढ़ जाएगी। यह मशीन एक सप्ताह में प्रयागराज में उपलब्ध होगी। बताया गया कि मौजूदा समय में 6000 रैपिड टेस्टिंग किट उपलब्ध है यह 25 जून को मिली 5000 किट के अलावा है तथा एक सप्ताह में 4000 किट और आनी है । बताया गया कमला नेहरू, नाजरेथ, कृति सकेनिंग सेंटर, जीवन ज्योति और अन्यअस्पताल अपने यहां ट्रू नॉट   मशीन लगाने पर विचार कर रहे हैं जो कि मरीजों के इलाज के लिए एक आवश्यक मशीन है।

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Allahabad High Court

प्लाज्मा ट्रीटमेंट की जानकारी तलब

 कोर्ट ने अगली तारीख पर बताने के लिए कहा है की प्लाज्मा ट्रीटमेंट कि जिले में क्या व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को प्लाज्मा ट्रीटमेंट और अन्य उपकरणों की उपलब्धता पर अगली तारीख को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने सरकार से कोरोना मरीजों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में कराने तथा होम  क्वॉरेंटाइन को लेकर अपनी नीति बताने का निर्देश दिया है ।

इसके अलावा को कोबास 8800 मशीन के बारे में भी केंद्र सरकार के वकीलों ने बताया कि इस संबंध में आईसीएमआर ने मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से संपर्क किया है उनको बताया गया कि मशीन लगाने के लिए उपयुक्त बिल्डिंग अन्य व्यवस्था करने में सात से आठ सप्ताह का समय लगेगा मशीन लगाने के बाद इसे कार्य करने में दो सप्ताह का समय और चाहिए होगा । 
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allahabad high court

नगर निगम चलाएगा अतिक्रमण अभियान

नगर आयुक्त रवि रंजन ने कोर्ट को बताया कि फुटपाथ पर अतिक्रमण की वजह से संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम 13 से 29 जुलाई तक विशेष अभियान चला रहा है। कोर्ट ने कहा कि मोहल्ला कमेटियों को और सक्रिय किया जाए ताकि जिन लोगों को इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण है उनके बारे में जानकारी मिल सके।

हेल्पलाइन नंबरों को प्रकाशित करने का निर्देश दिया है तथा सरकार से कहा है कि वह अपने कार्यालयों में कंप्यूटराइजेशन की व्यवस्था दुरुस्त करें ताकि ज्यादा से ज्यादा काम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो सके । बीएसएनएल और दूसरों ऑपरेटरों को भी कोर्ट ने अपने अपने नेटवर्क दुरुस्त करने के लिए कहा है ताकि मजबूत नेटवर्क प्रदान किया जा सके। नगर निगम ने उपयोग किए गए मास्क के निस्तारण के बारे में जानकारी कोर्ट ने नगर निगम को मास्क के उचित निस्तारण का निर्देश दिया है मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
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