शिविर में लगी आग बुझाते फायर ब्रिगेड के कर्मचारी।
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रह-रहकर सिलिंडर फटने के साथ ही धमाके होने लगे। धमाके इतने जबरदस्त थे कि कई किमी दूर तक इनकी गूंज सुनाई दी। उधर धमाकों से राहगीरोें में भगदड़ जैसी स्थिति मच गई। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति नियंत्रित की और लोगों को हटाकर मार्ग खाली कराया।
धमाके होते देख एकबारगी तो पुलिस व फायरकर्मियों को भी कदम पीछे की ओर खींचने पड़े। हालांकि करीब 25 मिनट बाद धमाके बंद होने के बाद एक बार फिर पूरी ताकत से फायरकर्मियों ने बचाव कार्य शुरू किया। तब जाकर करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम पांच बजे के करीब आग बुझाई जा सकी।
हालांकि, सुलग रहे बांस-फूस को पूरी तरह ठंडा करने में दो घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में मोबाइल लाइट सिस्टम का भी सहारा लेना पड़ा। आग बुझाए जाने के बाद मौके से कुछ अधजले सिलिंडर भी बरामद हुए। फायरकर्मियों ने फायर मिस्ट (मोटा पाइप) से उस पर करीब 10 मिनट तक पानी की बौछार कर उसे ठंडा किया।