चांद के दीदार के साथ रमजान का पाक महीना इस बार 24 या 25 अप्रैल से शुरू होगा। लेकिन कोरोना महामारी के संक्रमण की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन ने रमजान की तैयारियों पर ग्रहण लगा दिया है। सबसे अधिक चिंता तराबीह की नमाज को लेकर है। लॉकडाउन के कारण मस्जिदों में नमाज के लिए भीड़ लगाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में बाजार से लेकर मस्जिदों तक सन्नाटा छाया हुआ है। कोरोना के खौफ के साए में रोजा रखने के साथ ही इबादत और इफ्तार दोनों इस बार घरों में ही होगी।
कोरोना के डर की वजह से इस बार मस्जिदों, दरगाहों में रमजान की नमाज, इफ्तार पार्टी या सहरी दावत फिलहाल अगली तीन मई तक नहीं हो सकेगी। लॉकडाउन का पालन करते हुए मौलानाओं ने घरों में ही इबादत करने की अपील शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुसलमानों से अपील की गई कि रमजान के पवित्र माह के दौरान हुकूमत के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर इबादत के लिए मस्जिदों में जमावड़ा न करें। उल्लेखनीय है कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह के धार्मिक, सांस्कृतिक समारोह या उपासना स्थलों पर प्रार्थना के लिए सामूहिक रूप से इकट्ठा न होने की सलाह दी है।