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रमजान के पाक महीने पर भी कोरोना का खौफ, मस्जिदों में जाने की नहीं होगी इजाजत, घरों में ही इबादत और इफ्तार

Fri, 17 Apr 2020 07:04 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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ramadan
चांद के दीदार के साथ रमजान का पाक महीना इस बार 24 या 25 अप्रैल से शुरू होगा। लेकिन कोरोना महामारी के संक्रमण की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन ने रमजान की तैयारियों पर ग्रहण लगा दिया है। सबसे अधिक चिंता तराबीह की नमाज को लेकर है। लॉकडाउन के कारण मस्जिदों में नमाज के लिए भीड़ लगाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में बाजार से लेकर मस्जिदों तक सन्नाटा छाया हुआ है। कोरोना के खौफ के साए में रोजा रखने के साथ ही इबादत और इफ्तार दोनों इस बार घरों में ही होगी।

कोरोना के डर की वजह से इस बार मस्जिदों, दरगाहों में रमजान की नमाज, इफ्तार पार्टी या सहरी दावत फिलहाल अगली तीन मई तक नहीं हो सकेगी। लॉकडाउन का पालन करते हुए मौलानाओं ने घरों में ही इबादत करने की अपील शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुसलमानों से अपील की गई कि रमजान के पवित्र माह के दौरान हुकूमत के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर इबादत के लिए मस्जिदों में जमावड़ा न करें। उल्लेखनीय है कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह के धार्मिक, सांस्कृतिक समारोह या उपासना स्थलों पर प्रार्थना के लिए सामूहिक रूप से इकट्ठा न होने की सलाह दी है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में मस्जिदों में नमाज पढ़ने, जुमा व तरावीह समेत किसी भी तरह की इबादत के लिए इस दौरान नहीं जाना चाहिए। रोजेदार अपने घरों में ही नमाज अदा करें। मस्जिद में नमाज केवल इमाम ही अदा कर सकेंगे। मस्जिद परिसर में मोहल्ले के लोगों में जकात बांटने के लिए कुछ भी बनाने की छूट नहीं दी जाएगी।

कहा गया है कि मुसलमान रमजान के महीने में लॉकडाउन के नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इस पाक महीने में अपने-अपने घरों में ही इबादत करने को कहा गया है। शहर -ए- काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने मुसलमानों से कहा कि रमजान के दौरान हुकूमत के निर्देश पर लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें और इस महामारी से बचाने के लिए अल्लाह से दुआ करें। 
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ramjan - फोटो : ramjan

शहर-ए-काजी की अपील: रमजान में इन बातों का रखें ध्यान


-बगैर जरूरत के रमजान के दौरान घरों से न निकलें 
-निकलें भी तो मास्क लगाए रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें
-लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए
-जकात की रकम जरूरतमंदों और गरीबों तक हर हाल में पहुंचाई जाए
-रमजान के दौरान मस्जिद में उतने लोग ही नमाज के लिए जाएं, जितने लोगों के लिए हुकूमत की ओर से इजाजत हो
-तराबीह की नमाज घरों में ही अदा करें
-इफ्तारी का जो प्रोग्राम इस्तेमाई होता था उसे निरस्त कर दें और इसके लिए जुटाई गई रकम गरीबों को दान करें।  
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Eid - फोटो : अमर उजाला
मुसलमान पूरे महीने रोजे रखें और रमजान में खासकर इफ्तार के वक्त कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए खास दुआ करें। इस बला से बचने के लिए हुकूमत के निर्देशों का सख्ती से पालन करना जरूरी है। मौलाना शफीक अहमद शरीफी -शहर-ए-काजी ।
     

रमजान के दौरान भी लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करें और इस महामारी से बचाने के लिए अल्लाह से खास दुआ करें। इबादतों से भरपूर रमजान का महीना ऐसे वक्त पड़ रहा है जब देश और पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रही है। ऐसे में हुकूमत के निर्देशों पर अमल करना जरूरी है। मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों में न जाएं। अपने घरों में इबादत करें और इफ्तार करें। इफ्तार के लिए खाने-पीने केसामान घर-घर पहुंचा सकते हैं। हसन रजा जैदी, इमाम-ए-जुमा, शिया जामा मस्जिद।
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