इसके बाद चरणरज को उन्होंने मुट्ठी में एकत्र कर लिया। इस दौरान नागपुर की रश्मि त्रिसोलिया, लुधियाना के मनोहर कौशल, अंबाला से आए नीरज सहाय समेत सैकड़ों लोगों ने नागाओं के चरण की रेती बटोरी। इस बारे में आचार्य बृजेश शास्त्री का कहना है कि नागाओं का चरणरज घर के पवित्र स्थान पर रखना बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में आने वाले संकट दूर होते हैं। कुंभ में जो नागा स्नान करते हैं उनके चरणरज इसी वजह से श्रद्धालु सहेजते हैं।