हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इसमें गंभीर मामले के तौर पर देखा जाए तो हत्या के प्रयास का एक मामला शामिल था लेकिन वह पुलिस की ओर से लिखाया गया था। जिसमें आरोप था कि दुकानें बंद कराने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया।
23 मार्च को अलग-अलग थानों में कुल 14 केस दर्ज किए गए जिनमें गंभीर अपराध की एक भी घटना नहीं थी। इसी तरह 24 मार्च को शहर के सभी थानों को मिलाकर कुल 11 एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि इनमें से एक भी लूट, छिनैती, हत्या का प्रयास, हत्या से संबंधित नहीं था। अगले दिन यानी 25 मार्च को दर्ज 14 मामलों में भी गंभीर धारा से जुड़ा कोई मुकदमा शामिल नहीं था।