अभिनय, गायन और नृत्य के साथ हस्तशिल्प का संगम शनिवार को माघ मेले में श्रद्धालुओं को लुभाता रहा। चलो मन गंगा यमुना तीर की संगीत निशा सुर-साज के ऐसे ही रंगों के साथ परवान चढ़ी। इस दिन रामलीला के मंचन के माध्यम से जहां कलाकारों ने भगवान राम के आदर्शों की जीवंत प्रस्तुति की, वहीं भजनों, लोक नृत्यों पर भी लोग डुबकी लगाकर मुग्ध हुए।