Computer Baba
‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि हर किसी सनातनधर्मावलंबी की इच्छा कुंभ पर्व पर संगम में डुबकी लगाने की होती है, मेरी भी है। स्थितियां जो भी बनें मकर संक्रांति पर स्नान का संकल्प पूरा होगा। संगम की रेती पर ‘धर्मसभा’ के बाद सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार की रणनीति भी तय की जाएगी। गो, गंगा, नर्मदा सहित संतों के हित की बात करना मेरे जीवन का लक्ष्य है। बता दें इससे पहले उन्होंने बीस से तीस दिसंबर के बीच आने के साथ ही अलग अखाड़ा बनाने सहित नाम, ध्वज और देवता चयनित करने के अतिरिक्त अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद बनाने की घोषणा भी की थी।