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कुंभ 2019: नागा साधुओं की दुनिया का एक बड़ा सच, खाने के हर नाम में क्यों लगाते हैं राम

Sat, 05 Jan 2019 09:56 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Naga Sadhu
कुंभ मेला की शुरुआत में अब लगभग एक ही हफ्ते बचा है। इस वक्त संगम की रेती पर 13 अखाड़ों के संत-महंत, महामंडलेश्वर अपनी शिविर में धुनी रमा रहे हैं। सभी अखाड़ों में नागा साधु भी हैं। हम आपको नागा साधुओं की दुनिया के एक बड़े सच से रूबरू करा रहे हैं। अगली स्लाइड में पढ़ें...

 
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female naga sadhu - फोटो : Social Media
नागा साधुओं की दुनिया रहस्यों से भरी है। जितना उनके बारे में लोगों को पता है उससे कहीं ज्यादा अभी छिपा हुआ है। अखाड़ों के लिए कुंभ का आयोजन किसी पर्व से कम नहीं होता है। कुंभ के दौरान अखाड़े के सदस्य संगम की रेती पर शिविर में प्रवास करते हैं।
 
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Peshwai Atal Akhara
वहीं नागा साधुओं की दुनिया का एक रहस्य यह भी है कि वह खाने के हर नाम में राम का नाम जोड़ते हैं। साथ ही खाने की कुछ वस्तुओं को अनोखे नाम से पुकारते हैं। अगर आप कभी नागा साधुओं से मिलते हैं और वह आपसे कहते हैं कि 'पंगत की हरिहत' किजिए तो आप आश्चर्यचकित न हो वह आपको खाने को चलने के लिए कह रहे हैं।

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Peshwai Niranjani
वहीं एक अजीब बात यह भी है कि प्याज का उपयोग न करने के बावजूद नागाओं ने उसका नामकरण कर रखा है। प्याज को लड्डूराम के नाम से बुलाते हैं, मिर्ची को लंकाराम और  नमक को रामरस के नाम के पुकारा जाता है। सब्जी को सब्जीराम, दाल को दालराम, और रोटी को रोटीराम के नाम से बोला जाता है। अदरक को अदरक राम और मसाला को मसाला राम बोलते हैं।
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Peshwai Mahanirvani
कुंभ मेले के दौरान अखाड़े में हमेशा भंडारा चलता रहता है। यहां एक-दूसरे संतों को और पंडाल में आए श्रद्धालुओं को संत खाना खिलाते हैं। खाने की चीजों में राम का नाम जोड़ने के सवाल पर नागा साधु बताते हैं कि, अखाड़े के साधु संतों के अनुसार जीवन राम के बिना अधूरा है और भोजन से जीवन का निर्वाह होता है, इसलिए वह राम के नाम के बिना पूरा कैसे रह सकता है।
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