प्रयागराज में पुण्य सलिला त्रिवेणी संगम के तट पर मंगलवार को वसंत पंचमी पर उमडे़ जन सैलाब के बीच आस्था की अनंत बूंदों में भक्ति भावना एकाकार हो गई। गंगा, यमुना के साथ ज्ञान की गहरी जड़ों के रूप में विलुप्त सरस्वती की अनुभूति पाकर हर कोई धन्य होता रहा। सुबह नौ बजे तक संगम की ओर जाने वाले मार्गों पर हर तरफ रेला नजर आने लगा।