संत मोरारी बापू की कथा के लिए पंडाल और कॉटेज निर्माण के लिए आए मेरठ के नौ कारपेंटर लॉकडाउन में फंस कर अब भूख से लड़ रहे हैं। तीन दिन से वह शहर के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डभनों पर वाहनों की तलाश कर रहे हैं, ताकि घर पहुंच सकें। लेकिन दर-दर भटकने के अलावा कुछ नहीं मिला। उनकी मदद के लिए अबतक न संस्थाएं सामने आई हैं न सरकार। ऐसे में अब भूख से मरने की बजाए पैदल छह सौ किमी का सफर तय कर घर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
जानी मानी टेंट सेवा प्रदाता कंपनी लल्लू जी एंड संस के के साथ मिलकर संत मोरारी बापू की कथा के लिए जर्मन हैंडर स्टाइल वाले भव्य पंडाल का निर्माण करने वाले मेरठ के कारीगर अब यहां लॉक डाउन में फंसकर मुसीबत के मारे फिर रहे हैं।