एक छात्र से रैगिंग की भी शिकायत
केपीयूसी छात्रावास में एक छात्र से रैगिंग की भी शिकायत हुई है। हालांकि चीफ प्राॅक्टर प्रो. राकेश सिंह का कहना है कि छात्रावास में कोई छात्र नवप्रवेशी नहीं है। यह मारपीट का मामला है। एक-दो दिन में इसकी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब भूमि अधिग्रहण मामले में मुआवजा बढ़ाने के लिए वैकल्पिक वैधानिक उपाय मौजूद है तो पहले वहां जाएं। सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जानी चाहिए। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने हाथरस निवासी रामशंकर यादव और एक अन्य की याचिका खारिज कर दी।
रामशंकर की मौजा इकबालपुर के गौसगंज गांव में जमीन है। राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत जिला मजिस्ट्रेट/मध्यस्थ की ओर से तीन जुलाई, 2025 के तहत मुआवजा राशि चार हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई। इस फैसले को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि मध्यस्थ ने 26 जून 2025 के डिप्टी रजिस्ट्रार (स्टाम्प) के पत्र में उल्लिखित उच्च दर (14,500 रुपये और 12,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर) को अनदेखा करते हुए मनमाने ढंग से केवल 4,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की।
याची की मुआवजा राशि उच्च दर के अनुसार बढ़ाई जानी चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिवक्ता प्रांजल मेहरोत्रा ने दलील दी कि याचिकाकर्ता मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत उपलब्ध वैधानिक उपाय का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। सीधे हाईकोर्ट आ गए हैं। ऐसे में यह याचिका पोषणीय नहीं है।