अपना शहर ग्रीन जोन से चंद कदम ही दूर है। शहर में अब तक सिर्फ एक मरीज ही कोरोना पॉजीटिव पाया गया है। 12 दिन के अंदर उसकी दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 280 मरीजों की जांच की गई, जिसमें एक मात्र यही मरीज संक्रमित मिला था। अगर, हालात इसी तरह नियंत्रण में रहे और संक्रमण न बढ़ा तो प्रयागराज ग्रीन जोन में शामिल हो जाएगा।
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lockdown in prayagraj
- फोटो : lockdown in prayagraj
कोटवा बनी लेवल वन अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित सभी मरीजों के स्वाब नमूने बृहस्पतिवार को एक बार फिर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इन संक्रमितों की 48 घंटे बाद एक बार फिर जांच कराई जाएगी। तीसरी बार भी रिपोर्ट निगेटिव आई और 14 दिन क्वारंटीन के पूरे हुए तो उन्हें छुट्टी देकर घर भेजा जाएगा। जबकि इंडोनेशियाई नागरिक के बारे में प्रशासन फैसला लेगा।
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दूसरी ओर कोरोना संक्रमण की जांच के लिए 64 अन्य स्वाब नमूने लिए गए। इनमें 61 सैंपल कालिंदीपुरम क्वारंटीन सेंटर, ब्लाकों से आए हैं। तीन मरीज एसआरएन अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती भी किए गए हैं। सीएमओ के मुताबिक सभी नमूनों की जांच मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित लैब में ही होगी।
स्वास्थ्य महकमे के अफसरों का मानना है कि प्रयागराज में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। लगातार जांच की जा रही है। अगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन इसी तरह किया जाता रहा तो जिले में कोरोना संक्रमित किसी मरीज के मिलने की आशंका कम हो जाएगी। नए मरीज नहीं मिले तो मॉनीटरिंग के बाद शासन प्रयागराज को ग्रीन जोन घोषित कर सकता है। इससे प्रतिबंधों में सशर्त छूट मिलेगी और शहरियों को राहत भी।
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घर-घर खोजे जाएंगे संक्रमित
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक कोरोना संदिग्धों को घर-घर खोजने का अभियान जारी है। शहर के सभी क्वारंटीन स्थलों और अन्य स्थानों पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) ने कुल 615 लोगों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी की स्थिति सामान्य पाई गई। इनमें 97 व्यक्ति इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन हैं।