आप प्रयागराज के बजाय किसी दूसरे जिले या फिर देश के किसी और राज्य के नागरिक हैं आपके मन में कुम्भ मेला देखने की थोड़ी सी जिज्ञासा है पर कोई ठोस निष्कर्ष न निकाल पाने के कारण आप कन्फ्यूजन में हैं कि चलें कि न चलें। तो साथियों आज हम बताएंगे कि आपको तीर्थराज प्रयाग का कुम्भ मेला क्यों देखना चाहिए।
1- सन्यासियों का त्याग देखने
एक तरफ दुनिया में सोने-चांदी, धन-दौलत इकट्ठा करने की होड़ मची है एकदूसरे को सीढ़ी बनाकर लोग अपने को सर्वश्रेष्ठ साबित करने में लगे हैं वहीं कुम्भ में साधु-महात्माओं ने इन चीजों से किनारा कर लिया और वैराग्य धारण करके संगम की रेती में जप-तप करने लगे, वहीं नागा सन्यासी के रूप में आपको वैराग्य का एक ऐसा रूप भी दिखेगा जो शरीर पर सिर्फ़ भस्म लगाकर इस कंपकंपाती ठंड में साधना और आराधना करने में जुटे हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 10
kumbh photo 2019
2- कल्पवासीयों की नगरी
कुम्भ मेले में एक बड़े हिस्से में ऐसे लोग तम्बुओं में आकर भगवान का ध्यान कर रहे हैं जो संसारिक जीवन से विमुख नही हुए हैं, हमीं आपके बीच के लोग हैं जो पूरे एक महीने सुबह संगम में स्नान करते हैं और मां गंगा को भोग लगाकर स्वयं प्रसाद रुपी भोजन ग्रहण करते हैं। साधना, आराधना और पुण्य की चाह में संगम की रेती पर निवास करने वाले श्रद्धालुओं को देखने आपको जरूर आना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 10
Kumbh tent city
- फोटो : Social media
3- मेले की उच्च व्यवस्था देखने
मेला 45 वर्ग किलोमीटर में फैला है। पूरे क्षेत्र में लाखों लोग हमेशा रहते हैं। प्रमुख स्नान पर्व पर करोड़ों की भीड़ उमड़ती है। संगम में डुबकी लगा लेने को आतुर इस जनसमूह को स्थानीय प्रशासन कैसे मैनेज करता है, कैसे सबको स्नान और मेला भ्रमण करवा के वापस उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचा देता है, ये देखने आपको अवश्य आना चाहिए। साथ ही सगंम की रेती पर इस बार वीआईपी टेन्ट सिटी बनाया गया है जिसमें देश दुनिया के तमाम हाईप्रोफाइल लोग आकर रहेगें।
4 of 10
kumbh photo 2019
4- संगम में स्नान करने
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान का विशेष महत्व है। अनेक पुराणों में बकायदा इसके प्रमाण मिले हैं। ब्रम्हापुराण के अनुसार तो संगम स्नान अश्वमेघ यज्ञ बराबर माना जाता है। अग्निपुराण के अनुसार संगम स्नान करोड़ों गायें दान करने के बराबर फलित होता है। मत्स्यपुराण में तो कहा गया है कि जितना पुण्य 10 हजार तीर्थस्थलो की यात्रा पर मिलता है उतना संगम ही संगम में डुबकी लगाने से है। अगर आप वेद-पुराण मानते हैं तो आपको संगम में डुबकी लगाने के लिए आना चाहिए।
विज्ञापन
5 of 10
Kumbh 2019
5- साइबेरिया से आए पक्षियों की खूबसूरती देखने
आप जहां हैं उससे हजारों किलोमीटर दूर से खूबसूरत पक्षी काफी संख्या में संगम पर आए हैं। जो श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता का केन्द्र बने रहते हैं। लोग इन्हें इनका भोजन खिलना भी बड़ा दान समझते हैं। रात को तो इनकी खूबसूरती चार गुना और बढ़ जाती है। संगम की चमक-दमक के ये भी एक बड़े हिस्सेदार हैं।
विज्ञापन
6 of 10
kumbh photo 2019
6- तीन नदियों को मिलते हुए देखना
दाहिने तरफ से यमुना और बाएं तरफ से गंगाजी आकर मिलती हैं दोनों के ही पानी का रंग एकदम अलग होता है। कहा जाता है कि तीसरी नदी के रूप में सरस्वती भी यहीं मिलती हैं। फोटो और टीवी मे तो बहुत बार देखे होगें पर एकबार आकर स्वयं देखेंगे तो शक्ति का एक नया संचार होगा। आत्मा को शांति मिलेगी।
विज्ञापन
7 of 10
kumbh
7- भारत की समस्त संस्कृति का संगम
भारत के सभी राज्यों के तमाम लोग संगम पर दिख जाएंगे। अलग भाषा, वेषभूषा जरूर होती है पर सबके अन्दर धार्मिक समरसता एक समान होती है। पापों से मुक्ति और पुण्य की कामना लिए आने वालों को देखने के लिए आपको आना चाहिए। मेला क्षेत्र में ही भारत की चारो दिशाओं के खानपान भी यहां मौजूद हैं। जिसका लुफ्त आप उठा सकते हैं।
8 of 10
kumbh
8- लेटे हनुमानजी
सम्पूर्ण भारत में हनुमानजी की एक मात्र ऐसी मूर्ति जो लेटे हुए अवस्था में है। पूरे भारत में उनकी ऐसी कोई भी मूर्ति कहीं नही लगी है। यहां हनुमानजी का दर्शन करने हर मंगलवार व शनिवार हजारो की संख्या में भीड़ जुटती है। कुम्भ के दौरान यहां आप रोजाना बजरंगबली के दर्शन कर सकते हैं।
9 of 10
Kumbh
9- हिन्दुत्व के सभी 13 अखाड़ो को देखने
कुम्भ में सभी का समागम है। सम्पूर्ण भारत के सभी प्रमुख 13 अखाड़ो का यहां विशाल पंडाल बना हुआ है। उन सभी पंडालो में निरंतर भजन कीर्तन होता रहता है जिसे सुनने के लिए लोगो की बड़ी भीड़ उमड़ती है। भक्तो के लिए भंडारे भी होते रहते हैं। प्रसाद लेने के लिए आपको आना चाहिए।
10- अस्थाई पीपा पुल का जाल देखने
मेला नदी के दोनो तरह लगा हुआ है। एक तरह से दूसरी तरह जाने के लिए पान्टून के पुल बनाए गए है। पूरे मेले में लगभग 75 करोड़ की लागत से 1211 पान्टून तैयार करवाए गए और उन्हीं से कुल 22 पुल बनाए गए हैं। ये सभी पुल मेले के बाद हटा लिए जाएंगे। निश्चित रूप से जब आप यहां आएंगे तो ये भी आपके लिए आश्चर्य का विषय होगा।
तो ये रहे 10 कारण जिसको जानने के लिए आपको भारत की धर्मनगरी प्रयाग में आना चाहिए।