मेरठ में मुठभेड़ में ढेर हुए जुबैर का शव गांव आने पर बाहरी लोग रोक दिए गए। इस पर जुबैर की बहन की पुलिस से नोकझोंक हो गई। जुबैर गैंग का नेटवर्क ध्वस्त होगा। 30 से ज्यादा सदस्य चिह्नित किए गए हैं।
अलीगढ़ में एएमयू शिक्षक दानिश राव हत्याकांड की साजिश के आरोपी एक लाख के इनामी कुख्यात शूटर जुबैर की मेरठ में मुठभेड़ में मौत के बाद बुधवार देर रात शव पैतृक गांव नौशा पहुंचा। यहां पर पुलिस ने उसके दो अन्य इनामी भाइयों व अन्य साथी अपराधियों के आने के अंदेशे पर बाहरी लोगों को बैरियर लगाकर गांव में जाने से रोक दिया।
इसे लेकर जुबैर की बड़ी बहन की पुलिस से नोकझोंक हो गई। मगर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बाहरी लोगों को गांव में नहीं घुसने दिया। इस दौरान दिल्ली-सहारनपुर नंबर की गाड़ियों से आए आधा दर्जन लोग हिरासत में भी लिए गए, जिन्हें पूछताछ व सत्यापन के बाद ही छोड़ा गया।
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जुबैर की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात करीब 12 बजे जुबैर के शव की गाड़ी के साथ दिल्ली व सहारनपुर नंबर की चार-पांच गाड़ियों व बाइकों पर कुछ लोग पहुंचे। पुलिस ने बैरियर पर ही सभी को रोक लिया। सिर्फ एंबुलेंस व परिवार के सदस्यों को ही गांव में जाने की अनुमति दी गई।
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मुठभेड़ स्थल पर पड़ी पिस्टल और बाइक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाहरी लोगों का प्रवेश लाउडस्पीकर से बोलकर बिल्कुल रोक दिया गया। इस पर जुबैर की बड़ी बहन इरम उर्फ मुबश्शिरा ने रोक-टोक पर पुलिस का विरोध करते हुए नोकझोंक की।
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मुठभेड़ स्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मगर पुलिस ने साफ मनाही कर दी। इस दौरान बाहर से आए आठ से ज्यादा लोग हिरासत में लेकर थाने भेज दिए। शव के साथ मां, बहन आदि परिजनों को ही गांव में जाने दिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों को पूछताछ और सत्यापन के बाद छोड़कर वापस भेज दिया।
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मुनीर मेहताब(मृतक)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीओ कमलेश कुमार के अनुसार यह रोक-टोक बाहरी अपराधियों व जुबैर के फरार भाइयों के आने के अंदेशे पर की गई थी। जो लोग हिरासत में लिए गए, उन्हें सत्यापन व नाम पते दर्ज करने के बाद छोड़ा गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहन बोली उठाकर मारा, पिता बोले अति का अंत
इस दौरान बहन इरम ने सिर्फ एक ही बात दोहराई जो उसने खुद सोशल मीडिया पर बोला है कि उसके भाई को पुलिस ने कुछ लोगों की साजिश के तहत घर से उठाकर मारा है। वह कहीं लूट या हत्या करने नहीं जा रहा था।
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जुबैर का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं पिता रफतउल्ला ने सिर्फ इतना ही कहा कि अति का अंत हुआ है। वह पहले से अपने बच्चों को समझाता रहा। मगर उसकी एक बार भी बच्चों ने नहीं सुनी थी। इस दौरान दफन के दौरान कब्र पर फातिहा पढ़ते समय रफत उल्ला अपने दूसरे बेटे को मिट्टी देते समय फफक-फफक कर रो पड़े, जिन्हें कुछ ग्रामीणों ने सांत्वना देते हुए शांत किया।
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जुबैर का घर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ध्वस्त होगा जुबैर गैंग का नेटवर्क, 30 से ज्यादा सदस्य चिह्नित
मेरठ में जुबैर के मारे जाने के बाद पुलिस अब उसके पूरे गैंग नेटवर्क को खत्म करने में जुट गई है। अब तक 30 से ज्यादा सदस्यों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 12 को जेल भेजा जा चुका है। बाकी की तलाश जारी है। सभी सदस्यों को चिन्हित कर गैंग को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, ताकि लगातार निगरानी हो सके।
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meerut encounter
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एएमयू शिक्षक दानिश राव हत्याकांड के बाद जांच में सामने आया कि जुबैर, मुनीर मेहताब गैंग को ऑपरेट करते हुए अपना अलग नेटवर्क भी खड़ा कर रहा था। इसमें रंगदारी व नए सदस्यों की भर्ती जैसे इनपुट मिले हैं। फिलहाल उसके फरार दोनों भाइयों यासिर और फहद (एक-एक लाख के इनामी) की तलाश में टीमें लगी हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच में कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्हें गैंग के निशाने पर माना गया। ऐसे लोगों की सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार संपर्क में है।
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यासिर(वांछित)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहन के धमकी भरे बयान पर भी मंथन
मेरठ पहुंची जुबैर की बहन ने यह धमकी भरा बयान दिया था कि एक शेर मारा गया है। अभी उसके दो शेर भाई जिंदा हैं। जल्द हिसाब लिया जाएगा। इस बयान के बाद पुलिस अलर्ट है। उसके इशारों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
गैंग के सभी सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा भी दी जाएगी। - नीरज जादौन, एसएसपी
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जुबैर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दो खेमों में बंटा मुनीर गैंग, आशुतोष मिश्रा संभाल रहा दूसरा गुट
मुनीर की मौत के बाद गैंग दो हिस्सों में बंट गया। एक ओर जुबैर का नेटवर्क था, जबकि दूसरे गुट की कमान तिहाड़ जेल में बंद आशुतोष मिश्रा के पास बताई जा रही है।
बिजनौर में पंजीकृत इस गैंग के 16 सदस्यों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पुलिस अब सभी की मौजूदा सक्रियता और नए जुड़े सदस्यों की भी जांच कर रही है। कुछ इनामी आरोपी अभी भी फरार हैं।