घर के दरवाजे पर हर दस्तक के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में माली नवीन का परिवार सहम जाता है। यहां तक कि दूधवाला भी दरवाजा खटखटाता है तो घर के लोग असहज हो जाते हैं। दरअसल, धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम ने यह दावा किया था कि उसने एएमयू में माली के रूप में काम कर रहे नवीन नाम के मूक बधिर का धर्मांतरण कराया है। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसर में एक कमरे के क्वार्टर में रह रहे नवीन के परिवार के सदस्य हर आने-जाने वाले से पहले नाम-पता पूछते हैं। आसपास रहने वालों को भी मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा हो गया है। इसलिए वह नवीन के क्वार्टर की तरफ बढ़ने वाले हर शख्स को देखने के लिए अपने-अपने मकानों से झांकना शुरू कर देते हैं। आसपास के लोग इस बात को लेकर जिज्ञासा में रहते हैं कि जो लोग नवीन के घर तक आए हैं, वह किस लिए आए हैं? जब पड़ोसियों से जानकारी मांगी जाती है तो वह अपने कदम पीछे खींच लेते हैं।
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नवीन माली का घर
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों में भी पुरुष सदस्य घर के बाहर न आकर परिवार की महिलाओं से ही मामले की जानकारी कर लेने के लिए कहते हैं। पूरे घटनाक्रम के बीच गौर करने वाली बात यह है कि माली के संबंध में जानकारी लेने आए लोग और उसके पड़ोस के लोग उसे नवीन के रूप में ही जानते हैं। यह वही नाम है, जो उसने विश्वविद्यालय में नौकरी करते समय दस्तावेजों में जिक्र किया था और अभी भी वही है।
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डॉ. मोहम्मद उमर गौतम
- फोटो : अमर उजाला
माली नवीन का आदित्य से कराया जा सकता है सामना
धर्मांतरण के मामले में आरोपी उमर गौतम और आदित्य उर्फ अब्दुल्ला का मामला प्रकाश में आने के बाद अलीगढ़ में भी एटीएस लगातार जानकारी करने में जुटी हुई है। दो दिन पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के माली नवीन से पूछताछ की गई थी। अब योजना बनाई जा रही है कि नवीन को कानपुर ले जाकर उसका आमना-सामना आदित्य उर्फ अब्दुल्ला से कराया जा सकता है।
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मुफ्ती जहांगीर आलम और उमर गौतम
- फोटो : सोशल मीडिया
यह भी संभव है कि अब्दुल्ला उर्फ आदित्य को अलीगढ़ लाया जाए और यहां पर उसका आमना-सामना नवीन से कराया जाए। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपियों ने वास्तव में नवीन का धर्मांतरण कराया था या नहीं।
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एटीएस की गिरफ्त में उमर गौतम
- फोटो : amar ujala
इधर, एटीएस उमर गौतम के अलीगढ़ में संपर्क सूत्र की तलाश में जुटी हुई है। उमर गौतम से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। वह अलीगढ़ में किन लोगों के संपर्क में था? वह कौन कौन सी संस्थाएं थीं, जो अलीगढ़ में उमर गौतम को आमंत्रित करती थीं? उन संस्थाओं के पदाधिकारी कौन हैं? इन संस्थाओं के पास पैसा कहां से आता है? इन सभी पर खुफिया एजेंसी और एटीएस की निगाहें लगी हुई हैं।
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UP conversion case
- फोटो : अमर उजाला
दो महिलाओं की भूमिका को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट
धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर खुफिया एजेंसी दो महिलाओं की भी तलाश कर रही हैं। दो महिलाएं घर-घर जाकर मानसिकता को प्रभावित करने का कार्य करती थी। इन महिलाओं के संबंध में कहा जा रहा है कि वह महिला होने का फायदा उठाते हुए घरों में आसानी से प्रवेश कर जाती थी और धार्मिक मुद्दों पर बात किया करती थीं। बातचीत के बाद आसानी से पता लगा लिया करती थीं कि कौन परिवार उनके जाल में फंस सकता है। एटीएस और खुफिया एजेंसी इनका सुराग तलाशने में भी जुटी हुई है।
भाजपा कार्यकर्ता मूक बधिर लोगों का विवरण जुटाने में जुटे
मूकबधिर लोगों का धर्मांतरण कराए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी सतर्क हो गए हैं। अलीगढ़ में वह ऐसे मूक बधिर लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जिनसे धर्मांतरण कराने वाले लोगों ने संपर्क किया था। ऐसे मूक बधिर लोगों के माध्यम से यह जानकारी करने का प्रयास किया जा रहा है कि कितने समय पहले संपर्क किया गया था? वह लोग कौन थे, जिन्होंने संपर्क किया था। यह भी संभव है कि वह लोग उमर गौतम के संपर्क के रहे हों। इन सबको लेकर विवरण जुटाया जा रहा है।