बदमाशों से मुक्त कराए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद पूरी कहानी सुनाई। बदमाशों ने कहा था कि अभिनव को जिंदा वापस नहीं करेंगे। रकम मिलते ही मार डालेंगे।
यूपी पुलिस द्वारा अपहरणकर्ताओं से बचाए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने जब अभिनव से कहा कि रकम लेने के बाद उसे मार देंगे तो वे अंदर तक सहम गए। टूट गए कि रकम देकर भी उनकी जान नहीं बच सकेगी। अपने परिवार से नहीं मिल पाएंगे। यह डर उनके दिमाग से निकल ही नहीं रहा था। जब अपहरणकर्ताओं ने रकम लेकर गाड़ी को तेजी से दौड़ा दिया तो उन्हें लगा कि अब उन्हें गोली मार दी जाएगी।
विज्ञापन
2 of 8
पुलिस की गिरफ्त में अपहरणकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
तीन लाख रुपये की बात हुई तय
बहरहाल, अब अभिनव अपने परिवार के साथ सुकून में हैं। इधर, पुलिस उनके घर की निगरानी कर रही हैं। अपहरणकर्ता फिरौती के लिए लगातार अभिनव की पत्नी स्वीटी भारद्वाज को व्हाट्सएप कॉल कर रहे थे। फोन करने के बाद तीन जनवरी की रात को तीन लाख रुपये लेकर आने की बात तय हुई तो अपहरणकर्ताओं ने यह बात अभिनव को बताई कि रकम आ रही है।
विज्ञापन
3 of 8
अपहरणकर्ताओं से छुड़ाए गए अभिनव
- फोटो : अमर उजाला
जिंदा वापस नहीं करेंगे...
इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने जैसे ही यह कहा कि रकम मिलते ही उसे जान से मार देंगे। जिंदा वापस नहीं करेंगे। यह सुनते ही वह अंदर से टूट गए। अभिनव बोले कि मैंने सोचा कि अब तो मैं अपने परिवार से फिर नहीं मिल सकूंगा। रकम लेते ही जैसे ही बदमाशों ने गाड़ी को दौड़ाया तो उन्हें लगा कि अपहरणकर्ताओं की बात सच हो सकती है। अब वह उसे गोली मार ही देंगे, लेकिन इतने में ही पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बचा लिया। अभिनव ने कहा कि उस मंजर को सोचकर सहम जाता हूं।
4 of 8
अभिनव को अगवा करने के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
करन विष्ट और सुजल ने कराया होटल में कमरा बुक
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अंशुल उर्फ गोलू, प्रशांत, गौरव, यश उर्फ गोलू राघव व वीरेंद्र आपस में दोस्त हैं, सभी नैनीताल घूमने जाते थे तो होटल में दोस्ती हो गई थी। करन विष्ट ने सुजल, विशाल कुमार व विक्की निवासीगण अल्मोड़ा से उनकी मुलाकात कराई थी। करन विष्ट और सुजल ने होटल में कमरा लेकर अभिनव को रखा था।
विज्ञापन
एक जनवरी को अंशुल उर्फ गोलू से मिलने के लिए गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव व प्रशांत हतीसा आए थे। सभी लोग स्विफ्ट कार से सिकंदराराऊ गए। वहां से सभी जियो के मैनेजर अभिनव भारद्वाज का अपहरण कर अल्मोड़ा ले गए। वहां करन विष्ट और सुजल के माध्यम से होटल में कमरा लेकर अपह्रत को रखा गया था। विशाल, विक्की व वीरेंद्र भी आ गए और होटल में रहकर निगरानी करते थे। अपहृत के फोन से उसके घरवालों को फोन कर टिल्लू ताजपुरिया गैंग का नाम लेकर डरा धमका कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, उसके परिजनों को रकम लेकर मुरादाबाद बुलाया था।
विज्ञापन
6 of 8
अभिनव को अगवा करने के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
चार जनवरी की रात जब फिरौती की रकम लेने के लिए मुरादाबाद आए थे। तभी स्विफ्ट कार में गोलू ठाकुर उर्फ यश व गौरव, विक्की व विशाल कुमार उर्फ लाटा अपह्रत को लेकर आए थे। करन विष्ट व सूजल स्कूटी पर आए थे। जिनकी मुरादाबाद में फिरौती का पैसा लेने के बाद पुलिस से मुठभेड हो गई। अंशुल उर्फ गोलू, वीरेंद्र व प्रशांत चोरी की बाइक से आए थे, जो मौका देखकर भागकर हाथरस आ गए थे।
विज्ञापन
7 of 8
अपहरणकर्ताओं से बरामद कार
- फोटो : अमर उजाला
दो जनवरी तक पहाड़ों में दौड़ाते रहे गाड़ी, दोपहर बाद पहुंचे कमरे पर
अभिनव ने बताया कि अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ता पूरी रात गाड़ी को पहाड़ों में घुमाते रहे। दोपहर तक पहाड़ों में घूमते रहे। बोल रहे थे कि यह मनाली की पहाड़ी है। दोपहर बाद अल्मोड़ा के होटल के कमरे में लाकर उन्हें बंद कर दिया। यहां कमरे में पांच लोग और मिले।
दो आरोपियों को लिया ट्रांजिट रिमांड पर
थाना सिविल लाइन जनपद मुरादाबाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद कांबिग के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त करन बिष्ट पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी अलगांव ताना कोतवाली जनपद अल्मोड़ा और सूजल कुमार पुत्र सुरेशलाल निवासी कन्हेली थाना कोतवाली अल्मोड़ा उत्तराखंड को थाना हाथरस गेट पुलिस द्वारा न्यायालय मुरादाबाद से ट्रांजिट रिमांड में लिया गया है। थाना हाथरस गेट पुलिस द्वारा विधिपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।