अलीगढ़ के पुराने शहर के रेलवे रोड और ऊपरकोट के बीच अब्दुल करीम चौराहा-सब्जी मंडी चौराहा पर बॉर्डर सरीखी स्थिति है। सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील शहर का यह इलाका इस तरह की घटनाओं का केंद्र बिंदु रहा है। मगर समय के साथ तस्वीर बदल रही है। 2017 के बाद से लगातार शहर अमन की ओर लौट रहा है। मगर मंगलवार रात के घटनाक्रम के बाद सुबह बने हालात ने फिर पुलिस के खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कोई इनपुट क्यों नहीं मिल पाया। जबकि एजेंसियों के पास लंबा समय था।
विज्ञापन
2 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
वैसे अपने शहर के इतिहास पर गौर करें तो शहर सांप्रदायिक दृष्टि से प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल है, जो संवेदनशील हैं। मगर पिछले करीब एक दशक से स्थितियां लगातार सामान्य की ओर बढ़ रही हैं। हां, 2017 के बाद सीएए-एनआरसी के घटनाक्रम को छोड़ दें तो हालात बेहद सामान्य हैं।
विज्ञापन
3 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
सीएए-एनआरसी का घटनाक्रम भी पब्लिक का सिस्टम से टकराव था। उसमें किसी तरह का कोई दूसरा पक्ष नहीं था। 2017 के घटनाक्रम पर गौर करें तो रेलवे रोड पर रक्षाबंधन के दिन सुबह सुबह रंगदारी विवाद में समुदाय विशेष के दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
4 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के ठीक बाद जुमे के दिन ऊपरकोट पर ऐसा उपद्रव हुआ कि पुराना शहर कई दिन तक तनाव में रहा। उस समय भी पुलिस के सूचनातंत्र के फेल होने की बात उजागर हुई। उससे पहले की बात करें तो अक्सर किसी भी घटना में शहर के केंद्र बिंदु सब्जी मंडी चौराहा पर ऊपर कोट का पक्ष तो अब्दुल करीम चौराहा पर रेलवे रोड का पक्ष पहुंचकर प्रदर्शन करता रहा है। मगर 2017 के बाद से आज तक ऐसा नहीं हुआ।
विज्ञापन
5 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
इधर, रात हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस एक पक्ष को मैनेज करने में लगी रही। वह किसी तरह की कानून व्यवस्था हाथ में न ले लें। इसी दिशा में प्रयासरत रही। मुकदमा आनन फानन लिखा। गिरफ्तारी रात में ही हुई। मगर न तो उसकी प्रतिक्रिया पर किसी का ध्यान गया और न पुलिस की खुफिया टीम या इलाका पुलिस की सक्रिय रहने वाली टीम, पुलिस प्रशासन के अधिकारी अपने चहेतों के जरिये इस दिशा में इनपुट जुटा पाए कि विरोध इतना बड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
6 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
जो शहर में तनाव व टकराव का कारण बनेगा। अब इसके लिए कौन जिम्मेदार बनेगा? ये तो खैर जांच का विषय है और आला अफसर ही इस पर जिम्मेदारी तय करेंगे। मगर इतना जरूर है कि इस तरह की लापरवाही शहर की सेहत के लिहाज से अनुचित है।
विज्ञापन
7 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
शहर में 11 सेक्टर, आरएएफ-पीएसी लगाई गई
शहर में उपजे हालात के बाद तनाव को देखते हुए शहर में सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है। शहर को तीन जोन व ग्यारह सेक्टरों में बांटा गया है। साथ में अतिरिक्त पुलिस बल मांगकर एक कंपनी आरएएफ व तीन कंपनी पीएसी भी शहर में तैनात की गई है।
8 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
इस विषय में जानकारी देते हुए एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि शहर के हालात को देखते हुए कुल तीन जोन बनाए गए हैं और ग्यारह सेक्टर बनाए गए हैं। जिनमें सभी जगह पर पुलिस अफसर व मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। इसके अलावा कुछ प्वाइंटों को चिह्नित कर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
9 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बल का पैदल मार्च भी कराया जा रहा है। तीन कंपनी पीएसी व एक कंपनी आरएएफ भी लगाई गई है। इधर, अधिकारी लगातार भ्रमण शील हैं। दोपहर में डीएम एसएसपी ने शहर का भ्रमण किया। इसके बाद देर शाम तक अधिकारी हर स्थिति पर नजर रखे रहे।
10 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
अफवाह फैलाने वाले व खुराफाती रडार पर
एसएसपी संजीव सुमन बताते हैं कि शहर के हालात को देखते हुए अफवाह फैलाने वाले व खुराफाती रडार पर हैं। अब किसी को भी शहर में कानून नहीं तोडऩे दिया जाएगा और न माहौल बिगाडऩे दिया जाएगा। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी खुराफाती के भडक़ावे में न आएं। इसके लिए संभ्रांत लोगों को लगाया गया है।
11 of 12
Tension in Aligarh
- फोटो : अमर उजाला
जुमे को लेकर विशेष इंतजाम की तैयारी
बुधवार का दिन निपटने के बाद पुलिस प्रशासन ने बृहस्पतिवार की तैयारी पूरी कर ली है। शहर भर में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं सबसे अधिक फोकस अब जुमे के लिए रखा जा रहा है। जुमे के दौरान शहर में ड्रोन से भी निगरानी की तैयारी है। घरों की छतों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
शासन के अधिकारी लेते रहे पल-पल अपडेट
इस घटना के बाद से ही शासन स्तर तक के अधिकारी पल-पल अपडेट लेते रहे। इस दौरान दोपहर तक डीएम कलेक्ट्रेट में बैठकर शासन के अधिकारियों को अपडेट करते रहे, जबकि एसएसपी मौके पर पहुंचकर स्थिति समझने के बाद फीडबैक देते रहे। दोपहर में दोनों अधिकारियों ने फिर एक साथ भ्रमण के बाद स्थितियां देख जरूरत समझकर फीडबैक दिया।