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वो नहीं आए उनकी कोई मजबूरी होगी: हमने अपना संस्कार निभाया, मुलायम की अंत्येष्टी में सांसद के जाने पर छिड़ी बहस

Wed, 12 Oct 2022 10:48 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
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पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश की सियासत 90 के दशक में सिर्फ दो खेमों में बंटी हुई थी। एक खेमा कल्याण सिंह के इर्द-गिर्द घूमता था तो दूसरा मुलायम सिंह यादव के। करीब सवा वर्ष के अंतराल में दोनों का देहांत हो गया। मगर स्व. कल्याण सिंह के देहांत के बाद छिड़ी बहस की तर्ज पर अब स्व. मुलायम सिंह यादव के देहांत पर भी सोशल मीडिया पर एक सियासी बहस छिड़ी है। बहस का केंद्र दोनों परिवार हैं। जिस पर खुद स्व.कल्याण सिंह पुत्र व भाजपा के एटा से सांसद राजवीर सिंह ने जवाब दिया है कि वो नहीं आए, उनकी कोई मजबूरी रही होगी, मगर हमने अपना संस्कार निभाया है। यह जगजाहिर है कि वर्ष 2000 और 2009 के बाद कल्याण सिंह भाजपा से दो बार अलग हुए। दोनों बार मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह करीब आए। हालांकि पार्टी स्तर पर साथ नहीं रहे। मगर एक दूसरे को समर्थन चुनाव में दिया गया। दोनों ने मंच साझा किए। 
 
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पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
2003 में राजू भैया को सपा शासन काल में विधायक बनने पर मुलायम सिंह यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री तक बनाया। जिले के यादव बेल्ट वाले दादों इलाके में दोनों ने एक मंच से सभाओं को संबोधित किया। एटा व बुलंदशहर में कल्याण सिंह का लोकसभा चुनाव में सहयोग किया। 

 
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पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
इसके चलते दोनों में अच्छे रिश्ते थे। बाद में पुन: कल्याण सिंह के भाजपा में जाने के बाद भी रिश्ते बरकरार रहे। मगर कल्याण सिंह के निधन पर अखिलेश या मुलायम सिंह के न आने पर तरह-तरह की टीकाटिप्पणी सोशल मीडिया पर हुईं। प्रदेश के डिप्टी सीएम ने भी अखिलेश पर टिप्पणी की। 

 

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सांसद राजवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
इधर, अब मुलायम सिंह यादव के देहांत पर राजवीर सिंह सैफई पहुंचकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए और श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस पर भी सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी जारी है।

 
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राजवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
हमारी जो संस्कृति है और बाबूजी ने जो संस्कार दिए हैं, उन्हीं पर हम आगे चल रहे हैं। राजनीति से ऊपर हटकर पारिवारिक रिश्ते निभाना हमारी संस्कृति व संस्कार हैं। उसी संस्कार के तहत मैं आज स्वयं नेताजी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने गए। अब वो उस समय नहीं आए, उनकी कोई मजबूरी रही होगी। मगर हमने अपना संस्कार निभाया है। - राजवीर सिंह राजू, सांसद एटा

 
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अखिलेश चाचा रामगोपाल यादव के साथ - फोटो : अमर उजाला
उस समय अखिलेश यादव का ट्वीट 
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी का निधन हृदय विदारक। दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतृप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति दे भगवान। विनम्र श्रद्धांजलि।
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केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला।
उस समय केशव प्रसाद मौर्य का ट्वीट
- श्री अखिलेश यादव जी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह बाबूजी को अंतिम विदा देने के लिए नहीं आकर पिछड़े वर्ग की बात करने का नैतिक अधिकार आपने खो दिया है। आपके द्वारा पिछड़ा वर्ग की बात करना केवल ढोंग है। कल्याण सिंह अमर रहें, जय श्रीराम।
 
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