जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में आतंकियों के ग्रेनेड हमले में शहीद सीआरपीएफ के एएसआई नेत्रपाल सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार की शाम सवा छह बजे पैत्रक गांव पिसावा पहुंचा तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़े। भारत माता की जय, वंदे मातरम् और नेत्रपाल सिंह अमर रहें के उद्घोष के बीच शहीद का पार्थिव शरीर उनके दरवाजे पर ले जाया गया तो पत्नी-बेटों समेत परिवार वालों में चीखपुकार मच गई। शाम करीब साढ़े सात बजे शहीद के बड़े बेटे 19 वर्षीय यतिन कुमार ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। 104 बटालियन आरएएफ एवं पार्थिव शरीर लेकर आई 139 बटालियन सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद एएसआई को गार्ड आफ ऑनर दिया।
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शहीद नेत्रपाल सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री संदीप सिंह, डीएम चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, एसडीएम कुलदेव सिंह, सीओ परशुराम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह, भूमि विकास बैंक के चेयरमैन डॉ. रोहित कुमार, पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य चौ. मेघराज सिंह, गोंडा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने भी गांव पहुंचकर शहीद के शव पर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद के अंतिम संस्कार के लिए सीआरपीएफ की ओर से 50 हजार रुपये की राशि परिवार को दी गई।
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शहीद नेत्रपाल सिंह की अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
चार बच्चों में बड़ी बेटी की हो चुकी शादी
शहीद नेत्रपाल सिंह के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 25 वर्षीय सपना की दो साल पहले शादी हुई थी। इसके बाद 20 वर्षीय शिवानी, 19 वर्षीय बड़ा बेटा यतिन और सबसे छोटा 13 वर्षीय हर्ष है।
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शहीद नेत्रपाल सिंह की अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सरकार से 50 लाख रुपये, शहीद के नाम होगी सड़क
शहीद नेत्रपाल के बेटे यतिन कुमार ने बताया कि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने परिवार को जानकारी दी है कि सरकार की ओर से परिवार को पचास लाख रुपये और आवास मुहैया कराया जाएगा। एक सड़क शहीद के नाम पर होगी। वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर डीएम ने तहसील प्रशासन से आख्या मांगी है। तहसील की आख्या आने पर उसे शासन को भेजा जाएगा।
23 दिसंबर को आतंकी हमले में घायल हुए थे नेत्रपाल सिंह
23 दिसंबर को दुश्मनों ने जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले के दादरहामा इलाके के तौहीद चौक पर सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन की पार्टी को निशाना बनाकर ग्रेनेड दागा था। इस हमले में घायल नेत्रपाल सिंह ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।